पाकिस्तान ने पेश किया 'इस्लामाबाद समझौता', क्या अब रुक जाएगी जंग? जानें 2 चरणों वाला मेगा प्लान

US Israel Iran War Pakistan Peace Plan: पाकिस्तान ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए इस्लामाबाद समझौता पेश किया है। इस शांति योजना में इन दो मुख्य बातों का जिक्र है।
US-Israel-Iran War: Pakistan's 'Islamabad Accord'—Will the War Stop? Discover the Two-Phase Mega Plan
डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Israel Iran War Pakistan Peace Islamabad Deal: मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-इजरायल की ईरान के साथ बढ़ती जंग के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने इस विनाशकारी युद्ध को रोकने के लिए एक विशेष 'दो-चरणीय शांति योजना' का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्तावित समझौते को 'इस्लामाबाद Accord' का नाम दिया गया है जिस पर फिलहाल अमेरिका, इजरायल और ईरान विचार कर रहे हैं।

क्या है पाकिस्तान का 'दो-चरणीय' प्लान?

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की इस योजना के तहत पहले चरण में तत्काल युद्धविराम लागू किया जाएगा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz  को फिर से खोल दिया जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण में समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 15 से 20 दिनों का समय दिया जाएगा। इस समझौते के तहत ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता के बदले में उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने और उसकी जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करने का प्रस्ताव शामिल है।

पर्दे के पीछे की 'कूटनीति'

पाकिस्तान इस समय दोनों पक्षों के बीच संचार के एकमात्र माध्यम के रूप में कार्य कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस योजना को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ लगातार संपर्क में हैं। कूटनीतिज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान 'अहंकार के टकराव' और 'अविश्वास की गहरी खाई' के बीच पुल बनाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान का रुख और चुनौतियां

हालांकि पाकिस्तान की कोशिशें जारी हैं लेकिन ईरान ने कुछ कड़े संकेत भी दिए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि वे दबाव में नहीं झुकेंगे और अमेरिका के पुराने '15-सूत्रीय प्लान' को 'तर्कहीन' बताकर खारिज कर दिया है। ईरान ने यह भी कहा है कि वह केवल अस्थायी युद्धविराम के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा।

ट्रंप की चेतावनी

यह कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में हो रहे हैं जब युद्ध ने भीषण रूप ले लिया है। तेहरान और दक्षिण पार्स पेट्रोकेमिकल प्लांट जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर बमबारी हुई है जिसमें अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो ईरान को 'नर्क' (Hell) का सामना करना पड़ेगा।

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