ईरान के दोस्त तुर्की ने ट्रंप को दिखाई आंख, बॉर्डर पर ‘इमरजेंसी प्लान’ तैयार; क्या शुरू होगा महायुद्ध?
Turkey Support Iran: ईरान पर अमेरिकी हमले की धमकी के बाद राष्ट्रपति एर्दोगन सक्रिय हो गए हैं। तुर्की ने विदेशी दखल का विरोध करते हुए ईरान की सुरक्षा को पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए अनिवार्य बताया।
- Written By: अमन उपाध्याय
मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump Threat Iran: मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और ट्रंप की चेतावनी मध्य पूर्व में युद्ध के बादल एक बार फिर गहरे होते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह परमाणु हथियारों पर बातचीत की मेज पर नहीं आता, तो अगला अमेरिकी हमला ‘कहीं ज्यादा बुरा’ होगा।
ट्रंप ने केवल जुबानी धमकी ही नहीं दी, बल्कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि एक एयरक्राफ्ट कैरियर के नेतृत्व में नेवी फोर्स ने मिडिल ईस्ट के पानी में अपनी पोजीशन ले ली है। ट्रंप ने तेहरान को स्पष्ट रूप से परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू न करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने की चेतावनी दी है।
ईरान के समर्थन में उतरा तुर्की
अमेरिका की इस सैन्य धमकी के बीच ईरान के पड़ोसी और नाटो सदस्य तुर्की ने खुलकर तेहरान का पक्ष लिया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन इस मामले में काफी सक्रिय हो गए हैं। तुर्की सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने पड़ोसी देश में किसी भी तरह के विदेशी सैन्य दखल का कड़ा विरोध करता है।
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तुर्की ने वाशिंगटन से आग्रह किया है कि वह ईरान के साथ अपने मुद्दों को बातचीत के जरिए एक-एक करके सुलझाए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची भी इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच शुक्रवार को तुर्की का दौरा करने वाले हैं, जहाँ वह तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा करेंगे।
तुर्की का ‘इमरजेंसी प्लान’
ईरान के साथ लगभग 530 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करने वाला तुर्की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। तुर्की के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है और वहां की सरकार गिर जाती है, तो तुर्की ने अपने बॉर्डर को सुरक्षित करने के लिए एक ‘इमरजेंसी प्लान’ तैयार किया है।
वर्तमान में उनकी साझा सीमा का कुछ हिस्सा 380 किलोमीटर लंबी दीवार से सुरक्षित है लेकिन अधिकारियों का मानना है कि संभावित अस्थिरता को रोकने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। तुर्की का मानना है कि ईरान में किसी भी प्रकार की अस्थिरता पूरे क्षेत्र की संभालने की क्षमता से बाहर हो जाएगी।
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ईरान का आंतरिक संकट और जवाबी धमकी
दूसरी ओर, ईरान खुद आंतरिक अशांति से जूझ रहा है। इस महीने हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों को मार डाला गया या गिरफ्तार किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने इस अशांति के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है और चेतावनी दी है कि वे अपने दुश्मनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेंगे। तुर्की ने दोनों पक्षों से संपर्क साधा है और फिदान अराकची को संदेश देंगे कि ईरान की सुरक्षा, शांति और स्थिरता अंकारा (तुर्की) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
