MAGA खेमे में बड़ी दरार: ट्रंप ने वफादार टकर कार्लसन को कहा 'Low IQ', ईरान नीति पर छिड़ी जुबानी जंग

Trump Tucker Carlson: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टकर कार्लसन और कई अन्य MAGA समर्थक पॉडकास्टर्स की तीखी आलोचना की है। ट्रंप ने कार्लसन को 'लो आईक्यू' वाला व्यक्ति तक बता दिया।
Major Rift in the MAGA Camp: Trump Calls Loyal Ally Tucker Carlson 'Low IQ'—Verbal War Erupts Over Iran Policy
ट्रंप और टकर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Trump Tucker Carlson Iran Policy Dispute: अमेरिकी राजनीति में 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) आंदोलन के भीतर एक बड़ी दरार उभर कर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने ही समर्थकों और प्रमुख दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने विशेष रूप से प्रसिद्ध पत्रकार टकर कार्लसन को निशाने पर लेते हुए उन्हें 'कम IQ वाला शख्स' करार दिया है।

ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य

यह विवाद तब शुरू हुआ जब टकर कार्लसन ने ईरान के प्रति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति और विशेष रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से संबंधित उनके बयानों की कड़ी आलोचना की। कार्लसन ने ट्रंप के एक बयान को 'घटिया' (Pathetic) कहा था जिसके बाद ट्रंप का गुस्सा फूट पड़ा। टकर कार्लसन लंबे समय से यूक्रेन और ईरान जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के मुखर विरोधी रहे हैं।

अच्छे और बुरों की बनेगी लिस्ट

ट्रंप ने केवल टकर कार्लसन ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोकप्रिय हस्तियों को भी आड़े हाथों लिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर अपनी पोस्ट में ट्रंप ने मेगिन केली, कैंडिस ओवेन्स और एलेक्स जोन्स का नाम लेकर उनकी आलोचना की। ट्रंप ने कैंडिस ओवेन्स को 'मानसिक रूप से बीमार' और एलेक्स जोन्स को 'पूरी तरह खत्म हो चुका' बताया। ट्रंप ने अपने समर्थकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अब अच्छे, बुरे और बीच के दर्जे वाले लोगों की एक लिस्ट बनाएंगे। उन्होंने लिखा कि क्या यह दिलचस्प नहीं होगा? उन्होंने टकर कार्लसन को जरूरत से ज्यादा महत्व दिए जाने वाला व्यक्ति बताया और कहा कि उन्हें हराना हमेशा आसान होता है।

कौन हैं टकर कार्लसन?

टकर कार्लसन अमेरिका के सबसे प्रभावशाली दक्षिणपंथी पत्रकारों में से एक रहे हैं। फॉक्स न्यूज के साथ अपने करियर के दौरान उन्होंने बड़ी प्रसिद्धि हासिल की और फरवरी 2024 में कार्लसन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इंटरव्यू लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरीं। इस इंटरव्यू को लेकर जहां एक ओर समर्थकों ने इसे साहसिक पत्रकारिता बताया, वहीं आलोचकों ने इसे विवादास्पद करार दिया। इसके बाद कार्लसन की वैश्विक पहचान और भी मजबूत हो गई।

हालांकि कार्लसन को ट्रंप का समर्थक माना जाता रहा है लेकिन समय के साथ दोनों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद भी उभरकर सामने आए हैं। खासतौर पर ईरान और अमेरिका की विदेश नीति को लेकर कार्लसन ने कई बार अलग और अपेक्षाकृत सतर्क रुख अपनाया है, जो ट्रंप की आक्रामक नीतियों से मेल नहीं खाता।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com