US Iran Mission: अमेरिका के लिए सऊदी और कुवैत ने हटाया एयरस्पेस बैन, अब क्या ईरान पर होंगे हमले?
US Iran Mission: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिकी सेना के एयरस्पेस पर लगी पाबंदियां तुरंत हटा दी हैं। अब अमेरिका का ऑपरेशन फ्रीडम फिर से शुरू होगा और ईरान के लिए खतरा बढ़ जाएगा।
- Written By: प्रिया सिंह
कुवैत एयरबेस (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Iran Mission Gulf Nations Lift Airspace Ban For American Jets: ऑपरेशन फ्रीडम के तहत अमेरिका और उसकी सेना को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिकी जेट्स के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की अनुमति आखिरकार दे दी है। इन दोनों प्रमुख देशों ने अमेरिकी सेना के अहम सैन्य ठिकानों पर लगी पुरानी पाबंदियां पूरी तरह से हटा दी हैं। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रहे कई व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूती मिलेगी।
इस फैसले से अमेरिकी नौसैनिक और हवाई सुरक्षा अभियान के फिर से शुरू होने की काफी उम्मीदें बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज को लेकर लगातार सभी खाड़ी देशों का भारी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे थे। सऊदी अरब और कुवैत के इस महत्वपूर्ण कदम से ट्रंप प्रशासन की कोशिशों के बीच आ रही बाधाएं दूर हो गई हैं। इस नए कूटनीतिक फैसले से मिडिल ईस्ट में सुरक्षा के मौजूदा हालात और रणनीतियां पूरी तरह से बदल सकती हैं।
ऑपरेशन फ्रीडम की होगी फिर से शुरुआत
अमेरिका अब अपने उन जहाजों को नौसैनिक सुरक्षा देने वाले अहम ऑपरेशन फ्रीडम को फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि इस बड़े अमेरिकी मिशन को इसी सप्ताह शुरू होने के 36 घंटों के भीतर ही अचानक रोकना पड़ गया था। लेकिन अब पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि ये ऑपरेशन इसी सप्ताह फिर से शुरू किया जा सकता है।
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ऑपरेशन फ्रीडम को लेकर पहले सऊदी अरब और अमेरिका के बीच एक बड़ा और गंभीर कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। खाड़ी देशों द्वारा पहुंच सीमित किए जाने के कारण वाशिंगटन और रियाद के बीच सुरक्षा समझौतों पर खतरा मंडराने लगा था। हालात को संभालने के लिए डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच कई लेवल पर फोन कॉल हुए।
वैश्विक व्यापार के लिए होर्मुज की अहमियत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खुला रखने के लिए अमेरिका को एक बहुत बड़े और ताकतवर हवाई बेड़े की सख्त जरूरत है। ये हवाई बेड़ा वहां से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के जानलेवा खतरों से सुरक्षा देता है। इस मिशन की शानदार कामयाबी के लिए सऊदी अरब और कुवैत के एयरस्पेस का इस्तेमाल करना अमेरिका के लिए बेहद अहम है।
अमेरिका का मुख्य लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली ग्लोबल शिपिंग के लिए पूर्ण नौसैनिक सुरक्षा को जल्द बहाल करना है। यह समुद्री रास्ता पूरी दुनिया की ग्लोबल ऑयल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन माना जाता है। 08 मई 2026 के बाद अब इस पूरे क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है।
