US Iran Deal: सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का दावा, डोनाल्ड ट्रंप ने बेबसी में किया यह बड़ा समझौता
US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच हुए बड़े समझौते के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उनका दावा है कि ट्रंप ने यह डील पूरी तरह से अपनी बेबसी में आकर की है।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mojtaba Statement On US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच भयानक जंग खत्म होने और नया शांति समझौता हो जाने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का पहला अहम बयान सामने आ गया है। उन्होंने मीडिया के सामने यह बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस 60 दिनों के अहम समझौते को करवाने के लिए बेबसी में हर तरह के भारी दबाव और अलग-अलग तरीकों का भरपूर इस्तेमाल किया।
मुजतबा खामेनेई ने यह भी साफ तौर पर बताया कि उन्होंने अमेरिका के साथ हुए इस ऐतिहासिक समझौते को अपनी तरफ से पूरी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अहम और संवेदनशील मुद्दे पर उनकी बिल्कुल अलग राय थी। उन्होंने इस समझौते को सिर्फ इसलिए आगे बढ़ने दिया क्योंकि राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने उन्हें देश के अधिकारों की पूरी रक्षा का पक्का भरोसा दिलाया था।
दुश्मन का रुख मंजूर नहीं
सुप्रीम लीडर मुजतबा ने यह भी साफ कहा कि भविष्य में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच आमने-सामने की सीधी और बड़ी बातचीत जरूर होगी। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होगा कि दुश्मन के रुख या उसकी किसी स्थिति को ईरान द्वारा मान लिया गया है। मार्च महीने में यह सर्वोच्च पद संभालने के बाद मुजतबा की तरफ से इस बड़े समझौते पर यह पहली आधिकारिक और अहम प्रतिक्रिया आई है।
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पिता की मौत के बाद मिला पद
इस साल 28 फरवरी को ईरान पर हुए भीषण अमेरिकी-इजरायली हमलों में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस बड़ी घटना के बाद मार्च महीने में मुजतबा खामेनेई ने सुप्रीम लीडर का यह सबसे बड़ा और शक्तिशाली पद संभाला था। तब से लेकर अब तक मुजतबा खामेनेई को ईरान में सार्वजनिक रूप से बिल्कुल भी नहीं देखा गया था और यह उनका पहला बयान है।
ट्रंप ने जताई शांति की उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुजतबा के इस बयान पर सीधे कोई जवाब तो नहीं दिया, लेकिन ट्रुथ सोशल पर एक अहम पोस्ट जरूर किया। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई है कि सभी मोर्चों पर युद्धविराम लागू होगा जिसमें इजरायल और लेबनान के हिजबुल्लाह का मोर्चा भी शामिल है। ट्रंप को यह भी पक्की उम्मीद है कि मिडिल ईस्ट के सभी देश शांतिपूर्ण बातचीत को सफल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे।
होर्मुज से हटी भारी सैन्य नाकेबंदी
इन सबके बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज में अमेरिकी सेना की भारी नाकेबंदी 66 दिन बाद आधिकारिक तौर पर खत्म होने की पुष्टि कर दी है। सोशल मीडिया पर कहा गया कि यह बड़ा सैन्य कदम सीधे तौर पर राष्ट्रपति के स्पष्ट निर्देश के अनुसार ही उठाया गया है। हालांकि सेना ने यह भी बताया है कि कुछ अहम अमेरिकी जहाज इस समुद्री क्षेत्र के आसपास सुरक्षा के लिए अभी भी लगातार बने रहेंगे।
