ईरान के आगे अमेरिका बेबस! जॉर्डन पर हमले में कई US सैनिक घायल, पैट्रियट इंटरसेप्टर भी नहीं आया काम
US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा। ईरान ने जॉर्डन समेत कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया, जबकि रिपोर्ट्स में कई अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की बात कही गई।
- Written By: अर्पित शुक्ला
ईरान का जॉर्डन पर हमला(Image- Social Media)
US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार रात दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि लगातार सातवीं रात ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों, निगरानी केंद्रों, लॉजिस्टिक हब और भूमिगत हथियार भंडार को निशाना बनाया गया। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन समेत कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा- कई सैनिक घायल
अमेरिकी अधिकारियों ने CBS News को बताया कि इस सप्ताह जॉर्डन में अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कम से कम दो सैन्य ठिकानों पर हमले हुए, जिनमें कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। हालांकि, अभी तक घायल सैनिकों की संख्या, उनकी पहचान या चोटों की गंभीरता की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने भी फिलहाल इन चोटों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, ओमान और सीरिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। IRGC का दावा है कि हमलों में कमांड सेंटर, विमान शेल्टर, ईंधन भंडारण, गोला-बारूद डिपो और HIMARS लॉन्चर जैसे सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया गया।
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जॉर्डन ने 10 मिसाइलें मार गिराने का दावा किया
जॉर्डन की सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने ईरान की 10 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। सेना के अनुसार किसी भी नागरिक या सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी के हताहत होने की सूचना है।
Iranian IRBM strike apparently hit the troop billeting area at Muwaffaq Al Salti Air Base in Jordan. The shelters there are just concrete culverts behind Texas barriers — meant to contain fragments and fire, not stop direct missile hits. The base hosts US forces. Potential… pic.twitter.com/YLYbsd3R04 — Clash Report (@clashreport) July 18, 2026
मुवाफ़्फक साल्ट एयरबेस क्यों है अहम?
जॉर्डन स्थित मुवाफ़्फक साल्ट एयरबेस मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां अमेरिकी लड़ाकू विमान, ड्रोन और सहायता बल तैनात रहते हैं। हाल के महीनों में इसे ईरान के खिलाफ संभावित अभियानों के लिए भी महत्वपूर्ण हब माना गया है। इसके अलावा जॉर्डन में अमेरिका के Tower-22, Prince Hassan Air Base और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी सैनिक तैनात हैं। अनुमान के अनुसार जॉर्डन में अमेरिका के करीब 3,000 से 4,000 सैनिक मौजूद हैं।
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अमेरिकी और ईरानी दावों में अंतर
ईरान का दावा है कि उसके हमलों में अमेरिकी सैनिक हताहत हुए और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा, जबकि अमेरिकी प्रशासन ने केवल कुछ सैनिकों के घायल होने की जानकारी दी है। दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
