विश्व युद्ध का खतरा टला? अमेरिका और ईरान हमले रोकने पर सहमत, कतर में होगी 'होर्मुज' पर महाबैठक

US Iran Agree Halt Attacks:  भारी तनाव और हमलों के बीच अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। दोनों पक्ष अब कतर में बैठकर 'होर्मुज' विवाद को सुलझाने पर चर्चा करेंगे।
Is the threat of a world war averted? The US and Iran agree to halt attacks, and a grand meeting on the Strait of Hormuz will be held in Qatar.
डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेशकियन, फोटो (सो, सोशल मीडिया)
Updated on

US Iran Agree Halt Attacks Qatar Meeting: पश्चिम एशिया में मंडरा रहे युद्ध के बादलों के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे अमेरिका और ईरान अब आपसी सैन्य हमलों को रोकने पर सहमत हो गए हैं। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर था और दुनिया एक बड़े सैन्य टकराव की आशंका से सहमी हुई थी।

सीजफायर के बाद भी जारी थे हमले

अमेरिका और ईरान के बीच अभी हाल ही में सीजफायर लागू हुआ था, लेकिन उसके बाद भी पिछले 24 घंटों के भीतर ही दोनों ओर से एक-दूसरे के ठिकानों पर फिर से हमले किए गए, जिससे इस समझौते के टूटने का खतरा पैदा हो गया था।

हालांकि, अब 'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि दोनों पक्ष फिलहाल 'काइनेटिक एक्टिविटी' यानी सैन्य हमलों और आक्रामक कार्रवाइयों को पूरी तरह से रोकने के लिए राजी हो गए हैं।

कतर में होगी निर्णायक बैठक

तनाव को कम करने की दिशा में अगला बड़ा कदम कतर की राजधानी दोहा में उठाया जाएगा। मंगलवार को दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल एक मेज पर बैठेंगे ताकि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर जारी विवाद का स्थायी समाधान निकाला जा सके। होर्मुज जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है और इस पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है।

ट्रंप की चेतावनी

इस समझौते से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान नहीं सुधरा तो वे युद्ध को दोबारा शुरू कर 'काम पूरा कर देंगे' और ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटा देंगे।

वहीं, दूसरी ओर ईरान ने भी पलटवार करते हुए साफ कर दिया था कि यदि अमेरिका ने सीजफायर का उल्लंघन किया, तो भविष्य की सभी कूटनीतिक बातचीत और रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर राहत

समझौते का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि बातचीत की प्रक्रिया जारी रहने के दौरान होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के हो सकेगी।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटने को तैयार हैं ताकि कतर में होने वाली बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सके। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक ईरान का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति अभी भी थोड़ी संवेदनशील बनी हुई है।

https://youtu.be/DEIbbC0VNns

Navbharat Live
navbharatlive.com