परमाणु समझौते को लेकर बढ़ी टेंशन…अमेरिका ने ईरान के अधिकारियों पर लगाया वीजा बैन, बताई ये बड़ी वजह
US-Iran Nuclear Talks: अमेरिका ने मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप में ईरान के 18 अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाया। यह निर्णय परमाणु समझौते को लेकर बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बाद आया।
- Written By: अक्षय साहू
अमेरिका ने ईरानी अधिकारियों पर वीजा बैन लगाया (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Imposes Visa Ban on Iranian Officials: अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने बुधवार को घोषणा की कि वह ईरान के 18 अधिकारियों और टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर के प्रमुखों पर वीजा प्रतिबंध लगा रहा है। यह कदम ईरान सरकार के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का हिस्सा है। इस फैसले से पहले जनवरी में अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कुछ वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों पर अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन उस समय इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई थी।
यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान (UANI) के पॉलिसी डायरेक्टर, जेसन ब्रोडस्की ने इसे एक जरूरी कदम बताया, जिसका वे लंबे समय से समर्थन कर रहे थे। ट्रंप प्रशासन ने जनवरी में 75 देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा प्रोसेसिंग को निलंबित कर दिया था, जिनमें सोमालिया, रूस, अफ़गानिस्तान, और ब्राज़ील जैसे देश शामिल थे। इस प्रतिबंध का असर वीज़िटर वीज़ा पर नहीं पड़ा था, लेकिन यह इमिग्रेशन नियमों का हिस्सा था।
मानवाधिकारों का उल्लंघन के आरोप में बैन
अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि यह वीजा प्रतिबंध उन लोगों के खिलाफ हैं जो ईरान में मानवाधिकारों का उल्लंघन करने में शामिल हैं, खासकर उन लोगों पर जो ईरानियों के बोलने की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध करने के अधिकार को दबाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे ईरानी अधिकारियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ और भी कदम उठाने के लिए सभी उपलब्ध तरीकों का उपयोग करेंगे।
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इसके अलावा, हाल ही में खबर आई थी कि ईरान ने जर्मनी में अपने विरोधी कामों और जर्मन नेताओं के खिलाफ उठाए गए कदमों को लेकर जर्मन एम्बेसडर को तलब किया। यह घटनाक्रम अंतर्राष्ट्रीय तनाव का संकेत देता है। जनवरी 2026 में, ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिन्हें ईरानी सुरक्षा बलों ने सख्ती से दबा दिया, जिसमें कई लोग मारे गए। इसने फिर से दुनिया का ध्यान ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर खींचा।
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परमाणु समझौते के लेकर तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच हाल के महीनों में परमाणु समझौते को लेकर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ओर जहां ईरान के साथ लगातार परमाणु समझौते पर बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उन्हें ईरान की समुद्री सीमा के पास अपने दो युद्धपोत तैनात कर रखे हैं ताकि ईरान को समझौते को मानने के लिए दबाव बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions
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Que: अमेरिका ने ईरानी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध क्यों लगाया?
Ans: अमेरिका का कहना है कि ये अधिकारी ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने में शामिल हैं, इसलिए उन पर प्रतिबंध लगाया गया।
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Que: इस फैसले से पहले क्या कदम उठाए गए थे?
Ans: जनवरी में मार्को रुबियो ने कुछ वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों पर अमेरिका में प्रवेश प्रतिबंध लगाया था, हालांकि उस समय विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
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Que: क्या यह कदम परमाणु समझौते से जुड़ा है?
Ans: प्रतिबंध सीधे मानवाधिकार मुद्दों पर हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल से ही परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा है।
