ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला, भारत समेत 17 देशों पर लगा 10% अतिरिक्त टैरिफ, जबरन मजदूरी को बताया आधार

Trump Tariff War: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान सहित 17 देशों से आयातित सामान पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। जबरन मजदूरी के उल्लंघन को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
Major decision by the Trump administration: 10% additional tariff imposed on 17 countries, including India; forced labor cited as the reason.
ट्रंप सरकार 17 देशों पर लगाया 10% अतिरिक्त टैरिफ, AI Photo
Published on
Updated on

Trump Tariff War 17 Countries: अमेरिकी प्रशासन ने भारत सहित दुनिया की 17 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा झटका देते हुए उनके सामानों पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है,। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने बताया कि यह कार्रवाई उन देशों पर की गई है, जिनके उत्पादों के निर्माण में 'जबरन मजदूरी' के इस्तेमाल की शिकायतें मिली थीं।

धारा 301 के तहत की गई कार्रवाई

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने Trade Act 1974 की धारा 301 का उपयोग करते हुए कुल 60 देशों के खिलाफ नए टैरिफ की घोषणा की है। इनमें से भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे 17 देशों को 10% अतिरिक्त टैरिफ की श्रेणी में रखा गया है। USTR के अनुसार, ये देश जबरन मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने में विफल रहे हैं, जिसके कारण उन पर यह आर्थिक बोझ डाला गया है।

भारत के लिए क्या बदला?

राहत की बात यह है कि पहले भारत उन देशों की सूची में शामिल था, जिन पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था। हालांकि, अब इसे घटाकर 10% कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए 14 जून को अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन किया था और जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसका असर टैरिफ दर में आई इस मामूली कमी के रूप में देखा जा रहा है।

व्यापारिक रिश्तों पर पड़ सकता है असर

अमेरिका वर्तमान में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारतीय निर्यात के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 141 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रहा था, जिसमें भारत ने अकेले 87.3 बिलियन डॉलर का निर्यात किया था। ऐसे में 10% अतिरिक्त शुल्क लगने से भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ सकती है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान महंगे हो सकते हैं।

भारत ने जताया कड़ा विरोध

भारत सरकार ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि द्वारा शुरू की गई इस जांच और टैरिफ लगाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भारतीय पक्ष का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर चल रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते के मंच पर चर्चा की जानी चाहिए, न कि एकतरफा टैरिफ थोपा जाना चाहिए।

ट्रंप प्रशासन का यह कदम तब आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों के जरिए लगाए गए पिछले कुछ टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com