एक दिन प्यार तो दूसरे दिन नफरत! मेंटल बैलेंस खो चुके हैं ट्रंप, अमेरिकी पत्रकार ने बताई असली सच्चाई

America के वरिष्ठ पत्रकार रिक सांचेज ने ट्रंप की असंतुलित विदेश नीति को लेकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का व्यवहार पूरी तरह से ही समझ से बाहर है जिसको दुनियां के नेता नजरअंदाज कर रहे है।
us-foreign-policy-rick-sanchez-criticizes-donald-trump-pushing-allies-to-china
वरिष्ठ पत्रकार रिक सांचेज ने ट्रंप की अस्थिर विदेश नीति पर टिप्पणी की
Updated on

Donald Trump US Foreign Policy: अमेरिका के वरिष्ठ पत्रकार रिक सांचेज ने डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ट्रंप की अस्थिर और विरोधाभासी नीतियों के कारण अमेरिका दुनिया में अकेला पड़ता जा रहा है। सांचेज का कहना है कि ट्रंप की नीतियां अमेरिका के सहयोगियों को चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के करीब धकेल रही हैं, जिससे वैश्विक शक्ति संतुलन बदल रहा है। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की।

सांचेज ने ट्रंप के संवाद करने के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि उनका व्यवहार कभी बहुत अच्छा तो कभी बहुत खराब होता है। वह कहते हैं, "एक दिन वह आपसे प्यार करते हैं, अगले दिन नफरत। अमेरिका से इन दिनों जो संदेश जा रहा है, वह इतना उलझन भरा है कि दूसरे देश यह तय नहीं कर पा रहे कि उस पर प्रतिक्रिया दें या उसे नजरअंदाज करें।" सांचेज के मुताबिक, ज्यादातर देश अब अमेरिका को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझ रहे हैं, जो कि वैश्विक व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ है।

सहयोगियों को चीन की ओर धकेल रहीं ट्रंप की नीतियां

रिक सांचेज का मानना है कि अमेरिका की इस भ्रम की स्थिति का सीधा फायदा चीन उठा रहा है। वह अमेरिका के पारंपरिक सहयोगियों को अपनी ओर खींच रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे चीन, भारत जैसे देशों से कह रहा है, "हम आपके दोस्त और व्यापारिक साझेदार बनेंगे, आपके उत्पाद खरीदेंगे और दुर्लभ खनिज साझा करेंगे। जो उम्मीद आप अमेरिका से कर रहे थे, आइए वह हम मिलकर पूरा करते हैं।" सांचेज ने ब्रिक्स और एससीओ जैसे गठबंधनों को पश्चिमी वर्चस्व के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि इन देशों की संयुक्त शक्ति जी-7 से कहीं ज्यादा हो सकती है, और इसका दरवाजा खुद ट्रंप ने खोला है।

ट्रंप के लिए जो सही, वह मोदी के लिए गलत कैसे?

वरिष्ठ पत्रकार ने अमेरिकी कूटनीति में दोहरे मापदंडों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप के लिए पुतिन से मिलना ठीक है, बीजिंग से बात करना ठीक है, लेकिन अगर प्रधानमंत्री मोदी इन्हीं नेताओं से मिलते हैं तो वह गलत हो जाता है। यह हास्यास्पद है कि मैं कर सकता हूं, लेकिन तुम नहीं कर सकते।" सांचेज ने सबसे चौंकाने वाली बात यह कही कि अमेरिका अब दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश नहीं है, बल्कि इजरायल है जो अमेरिका को नियंत्रित करता है।

उन्होंने कहा, "जब इजरायल भौंकने को कहता है, तो अमेरिका भौंकता है।" उनके अनुसार, ट्रंप की 'इजरायल फर्स्ट' नीति से उनके 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' समर्थक भी नाराज हो रहे हैं, सांचेज ने निष्कर्ष निकाला कि अब शायद सुधार के लिए बहुत देर हो चुकी है और ट्रंप की नीतियों ने अमेरिका को दुनिया में अलग-थलग कर दिया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com