शांति या फिर नया तूफान? जेलेंस्की के बयान से क्रेमलिन तक मची हलचल, दुनिया की नजर पुतिन पर
Russia-Ukraine War: लगभग 4 वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ताओं के प्रस्ताव...
- Written By: अमन उपाध्याय
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Ukraine Peace Talks: रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे प्रयासों में एक अहम मोड़ आता दिख रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार किए जा रहे शांति प्रस्तावों को अगले कुछ दिनों में अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके बाद अमेरिकी दूत इन प्रस्तावों को रूस के समक्ष रखेंगे और अगले सप्ताह अमेरिका में संभावित उच्चस्तरीय बैठकों का रास्ता साफ हो सकता है।
सोमवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में अमेरिका और यूक्रेन के बीच हुई अहम वार्ता के बाद ज़ेलेंस्की ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शांति योजना का मौजूदा मसौदा ‘पूरी तरह परिपूर्ण नहीं है, लेकिन काफी व्यावहारिक है।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ बेहद संवेदनशील मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं, जिनमें सबसे बड़ा सवाल रूसी सेनाओं द्वारा कब्जाए गए यूक्रेनी क्षेत्रों के भविष्य को लेकर है।
कुछ बिंदुओं पर कड़ी आपत्ति
अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे इन शांति प्रयासों को हाल के दिनों में गति मिली है। हालांकि जैसे-जैसे बातचीत का केंद्र मॉस्को की ओर बढ़ रहा है यह साफ है कि रूस इन प्रस्तावों के कुछ बिंदुओं पर कड़ी आपत्ति जता सकता है। खासतौर पर यूक्रेन के लिए प्रस्तावित युद्धोत्तर सुरक्षा गारंटी को लेकर क्रेमलिन की सहमति अब भी अनिश्चित बनी हुई है।
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जमीन, समुद्र और हवा से यूक्रेन की सुरक्षा
ज़ेलेंस्की ने भरोसा जताते हुए कहा कि बर्लिन वार्ता के बाद यूक्रेन और उसके साझेदार देश ‘मजबूत सुरक्षा गारंटी पर समझौते के बहुत करीब’ पहुंच चुके हैं। नाटो से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रस्तावित सुरक्षा ढांचा यूक्रेनी सेना को मजबूत बनाए रखने पर आधारित है।
इसके तहत यूरोपीय देश एक बहुराष्ट्रीय और बहु-क्षेत्रीय बल का नेतृत्व करेंगे, जो जमीन, समुद्र और हवा से यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। वहीं अमेरिका युद्धविराम की निगरानी और सत्यापन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय तंत्र का नेतृत्व करेगा।
रूस के प्रवक्ता ने कही ये बात
दूसरी ओर, रूस ने अस्थायी युद्धविराम के बजाय व्यापक और स्थायी शांति समझौते पर जोर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस ऐसे किसी भी समाधान का समर्थन नहीं करेगा जो केवल यूक्रेन को राहत देकर भविष्य में युद्ध की तैयारी का मौका दे। उन्होंने दोहराया कि मॉस्को अपने हितों की रक्षा और यूरोप में दीर्घकालिक शांति चाहता है।
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वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिका द्वारा तैयार शांति योजना के लगभग 90 प्रतिशत बिंदुओं पर यूक्रेन और यूरोपीय देशों की सहमति बन चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी भरोसा जताते हुए कहा कि शांति समझौता अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है।
