

Ukraine Drone Attack Russia Tuapse Port: यूक्रेन ने रूस पर लगातार दूसरे दिन बड़े ड्रोन हमला किया है। यूक्रेनी सेना ने 1 और 2 नवंबर की दरमियानी रात काला सागर के किनारे पर मौजूद रूस के तुआप्से ऑयल टर्मिनल पर ड्रोन हमला किया। तुआप्से रूस के सबसे बड़े ऑयल टर्मिनल में से एक माना जाता है। यूक्रेनी हमले में पोर्ट पर चारो तरफ भयंकर आग की लपटे और काला धुआं उठता नजर आया।
यूक्रेन की ओर से इस हमले को रूसी सेना द्वारा उसके पूर्वी क्षेत्र में सैन्य उपकरणों की सप्लाई मार्ग वाले पुल को उड़ाए जाने के जवाबी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस हमले को यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं द्वारा किया गया, यह रूस के क्रास्नोदार क्राय क्षेत्र में एक बड़े पैमाने पर चलाए गए ड्रोन अभियान का हिस्सा था।
रूस के ब्लैक सी तट पर स्थित तुआप्से पोर्ट पर ड्रोन के मलबे के गिरने से रोसनेफ्ट तेल रिफाइनरी में आग लग गई। यह वही स्थान है जिसे पहले भी यूक्रेनी ड्रोन निशाना बना चुके हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, आग बुझाने के प्रयास जारी हैं और राहत दल लगातार मौके पर काम कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।
तुआप्से बंदरगाह रूस के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र है, जहां रोसनेफ्ट की तेल रिफाइनरी और ऑयल टर्मिनल स्थित हैं। यह टर्मिनल रूस के कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट तेल निर्यात को प्रभावित कर सकती है।
पिछले कुछ महीनों में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों, डिपो और पाइपलाइनों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस अभियान का उद्देश्य रूस की ईंधन आपूर्ति और सैन्य लॉजिस्टिक्स को कमजोर करना है। इसे रूस द्वारा यूक्रेन के पावर ग्रिड पर किए गए हमलों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
क्रास्नोडार प्रशासन ने बताया कि पोर्ट क्षेत्र की कई इमारतों और ढांचों को नुकसान पहुंचा है। एक ड्रोन के गिरने से तुआप्से के पास सोसनोवी गांव में एक आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हुई, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। तुआप्से रेलवे स्टेशन को भी हल्का नुकसान हुआ है।