रूस के भीतर यूक्रेन का ताबड़तोड़ ड्रोन हमला, एयरबेस से सारातोव रिफाइनरी तक धधकी आग, 2 लोगों की मौत
Ukraine Drone Attack Russia: यूक्रेन ने रूस के एंगेल्स एयरबेस और सारातोव रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाया है। इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है और रूसी सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
रूस में यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन अटैक, फोटो (सो. सोशल मीडिया )
Ukraine Drone Attack Russia Engels Airbase: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब और भी विनाशकारी मोड़ ले चुका है। रविवार, 2 अगस्त 2026 को यूक्रेनी सेना ने रूस की सीमा के काफी अंदर घुसकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर बड़ा ड्रोन हमला किया।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की है कि उनके ड्रोन ने सारातोव प्रांत में स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और प्रसिद्ध एंगेल्स एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
एंगेल्स एयरबेस पर लगी आग
यूक्रेनी सेना के अनुसार, एंगेल्स एयरबेस पर एक विशेष लक्ष्य को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। यह एयरबेस रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां Tu-95MS और Tu-160 जैसे रणनीतिक बमवर्षक विमान तैनात रहते हैं, जिनका उपयोग मॉस्को अक्सर यूक्रेन पर मिसाइल हमले करने के लिए करता है। हालांकि सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले में विमानों को कितना नुकसान पहुंचा है।
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एक तरफ समझौते की बात, दूसरी तरफ 10 देशों में अलर्ट; US-ईरान जंग में आखिर क्या चल रहा है?
🔥 Ukraine carried out a series of long-range strikes across Russia overnight. A major fire broke out at the Saratov Oil Refinery after it was hit during the attack, with flames reported across the facility. Another strike targeted the Engels strategic aviation airbase, located… pic.twitter.com/YEATKpl5Ql — big ben (@alternative_war) August 2, 2026
रूस की अर्थव्यवस्था पर चोट
ड्रोन हमले का दूसरा बड़ा निशाना सारातोव की तेल रिफाइनरी बनी, जो रूस के पोवोल्झे क्षेत्र की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है। यह रिफाइनरी सालाना लगभग 7 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और रूसी सैन्य-औद्योगिक परिसर की रीढ़ मानी जाती है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई और इसमें दो आम नागरिकों की मौत की भी खबर है। इसके साथ ही, कलुगा प्रांत के ल्युडिनोव्स्काया तेल डिपो पर भी हमले की खबर सामने आई है।
👀 Ukraine’s General Staff confirmed strikes on the Saratov Oil Refinery, Engels Air Base, and an oil depot in Russia’s Kaluga region, where fires broke out. pic.twitter.com/53OTQMwl1E — UNITED24 Media (@United24media) August 2, 2026
धधक उठी वाइल्डबेरीज की गोदाम
हमलों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। समारा प्रांत के नोवोसेमेकिनो में रूस की दिग्गज ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज के एक विशाल वेयरहाउस को भी निशाना बनाया गया, जिससे वह आग की लपटों में घिर गया।
वाइल्डबेरीज पर आरोप है कि वह अपने प्लेटफॉर्म के जरिए सैन्य उपकरण जैसे ड्रोन पुर्जे और बॉडी आर्मर की आपूर्ति कर रही है। बता दें कि यूरोपीय संघ ने हाल ही में रूसी बजट में वित्तीय योगदान देने के कारण वाइल्डबेरीज की बैंकिंग शाखा पर प्रतिबंध भी लगाए थे।
Ukrainian drones strike deep inside Russia Overnight attacks hit multiple high-value targets. A major Wildberries logistics hub in Novoselki was damaged, disrupting distribution across the Volga region. The Saratov oil refinery, one of Russia’s key fuel facilities, was also… pic.twitter.com/s8a1gUtXCY — Clash ReportX (@ClashReportX) August 2, 2026
क्या है यूक्रेन की रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन अब सीधे तौर पर रूस की युद्ध लड़ने की क्षमता को कमजोर करने के लिए उसके ऊर्जा और लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बना रहा है। यह हमला 1 अगस्त को कीव में यूक्रेन की रिटेल कंपनी Rozetka के गोदाम पर हुए रूसी हमले के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।
