

Iran Counter Attack Israel After Ali Larijani: ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष अब 19वें दिन में पहुंच चुका है और स्थिति और भी गंभीर हो गई है। युद्ध के 18वें दिन, इजरायल ने तेहरान में हवाई हमला किया, जिसमें ईरान के दो वरिष्ठ नेता, अली लारिजानी और गुलारजा सुलेमानी की मौत हो गई। इस हमले ने स्थिती को और गंभीर बना दिया है।
अली लारिजानी ईरान के सुरक्षा प्रमुख और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी माने जाते थे, जबकि गुलारजा सुलेमानी बसीज बलों के कमांडर थे। इन हत्याओं के बाद पूरे तेहरान में मातम छा गया। हालांकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में देर नही की और इजरायल समेत कई खाड़ी देशों पर जबरदस्त हमले किए। इस घटना के बाद युद्ध के और भी भयंकर होने की आशंका बढ़ गई है।
तेल अवीव के सविधोर सेंट्रल ट्रेन स्टेशन पर ईरानी क्लस्टर हमले ने भारी तबाही मचाई, जिससे आसपास का इलाका पूरी तरह प्रभावित हुआ और अफरा-तफरी मच गई। हताहतों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
वहीं, कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरान की मिसाइल हमलों को उनकी सेना ने हवा में ही रोक दिया। राजधानी दोहा में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल हमला कतर को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन समय रहते इसे नाकाम कर दिया गया।
इंटरनेशनल एटॉमिक एजेंसी (IAEA) ने बताया कि ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर मिसाइल हमला हुआ, लेकिन किसी प्रकार का नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं है। IAEA प्रमुख राफेल ग्रासी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की, ताकि परमाणु दुर्घटना का खतरा न बढ़े। इसके अलावा ईरान ने दुबई पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। इसके बाद सऊदी अरब ने घोषणा की कि रियाद में अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा होगी।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरवानी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों में अब तक 1300 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें शीर्ष ईरानी नेता भी शामिल हैं। HRANA के अनुसार, कुल हताहतों की संख्या 1858 तक पहुंच सकती है।