

Trump Warning Iran: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए न सिर्फ इजरायल बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कड़ा बयान देकर स्थिति को और गर्मा दिया है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान को देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता कर लेना चाहिए, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ईरान के करज इलाके में स्थित एक बड़े पुल को हमले में ध्वस्त कर दिया गया है।
ट्रंप के इस बयान पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पतालों, दवा कंपनियों और मेडिकल रिसर्च संस्थानों जैसे पाश्चर संस्थान को निशाना बनाने का क्या औचित्य है। उन्होंने इन हमलों को मानवता के खिलाफ अपराध बताया और विश्व स्वास्थ्य संगठन, रेड क्रॉस तथा ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की अपील की।
इस बीच ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइल हमले जारी रखे हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि वह फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है। ईरान के इन हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसके प्रभाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिसका असर दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र से पहले दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति होती थी। ब्रिटेन इस महत्वपूर्ण मार्ग को फिर से खोलने के लिए 30 से अधिक देशों के साथ चर्चा करने की योजना बना रहा है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बलपूर्वक खोला जा सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जिम्मेदारी केवल अमेरिका की नहीं है। उन्होंने उन देशों से आगे आने की अपील की जो इस मार्ग से तेल पर निर्भर हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई इतनी प्रभावी रही है कि अब ईरान से कोई बड़ा खतरा नहीं बचा है। हालांकि, ईरानी सेना ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास अब भी पर्याप्त हथियार, गोला-बारूद और गुप्त उत्पादन केंद्र मौजूद हैं, जिन तक पहुंचना अमेरिका के लिए संभव नहीं है।