अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Donald Trump Warns Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसने उनकी शर्तें नहीं मानीं, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट खोलने की दी गई 10 दिन की समय-सीमा खत्म होने से एक दिन पहले व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बयान दिया।
ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर अपनी जीत का भी दावा दोहराया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं या उसे और बढ़ा रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा कि यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास अभी थोड़ा समय बचा है, लेकिन समयसीमा समाप्त होने के बाद हालात बहुत गंभीर हो सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि उन्हें यह भी पक्का नहीं है कि ईरान के पास माइन बिछाने की क्षमता है या नहीं। उन्होंने ईरान पर लंबे समय से अन्य देशों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना के पास ऐसी योजना है जिसके तहत कुछ ही घंटों में ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को पूरी तरह निष्क्रिय किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ऐसा करना नहीं चाहता, लेकिन जरूरत पड़ने पर कार्रवाई संभव है।
उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूली का अधिकार अमेरिका के पास होना चाहिए, न कि ईरान के पास। उनके मुताबिक, अमेरिका ने सैन्य रूप से बढ़त हासिल कर ली है और अब उसे अपनी शर्तों पर समझौता चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़े सैन्य बचाव अभियान का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, अमेरिकी सेना ने दुश्मन क्षेत्र में फंसे एक पायलट को बचाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसमें करीब 200 सैनिक और 21 विमान शामिल थे। भारी गोलीबारी के बावजूद पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया।
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ट्रंप ने अमेरिकी सेना के साहस और क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका एक रात में ईरान को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन के दौरान एक विमान को दुश्मन के हाथ लगने से बचाने के लिए खुद ही नष्ट कर दिया गया। वहीं, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेताओं की हत्या से ईरान को रोका नहीं जा सकता।