धरने पर बैठीं और दर्ज हो गया केस! जानिए क्यों अचानक कानूनी विवादों में घिरीं सपा सांसद इकरा हसन- VIDEO
Iqra Hasan: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में डीआईजी दफ्तर के बाहर हुए प्रदर्शन और चक्काजाम मामले में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन कानूनी मुश्किलों में घिर गई हैं।
- Written By: मनोज आर्या
FIR On Samajwadi Party MP Iqra Hasan: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में डीआईजी दफ्तर के बाहर हुए प्रदर्शन और चक्काजाम मामले में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन कानूनी मुश्किलों में घिर गई हैं। सिविल लाइन चौकी प्रभारी की तहरीर पर थाना सदर बाजार पुलिस ने इकरा हसन समेत छह नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इन सभी पर प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम करने और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में यूपी सरकार के पूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप, शेषपाल, सत्यपाल, अनुज, तेजपाल और अजय को भी नामजद किया गया है। पूरा विवाद शामली जिले के दशाले गांव में हुई मोनू कश्यप की हत्या से जुड़ा है, जिसके पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सांसद इकरा हसन 19 मई को समर्थकों के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए जब वह धरने पर बैठीं, तो पुलिस ने उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया और पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप समेत पांच लोगों को शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया था। इसके विरोध में इकरा हसन ने सदर बाजार थाने के बाहर देर रात तक धरना दिया था, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया था। अब पुलिस प्रशासन की इस एफआईआर की कार्रवाई पर विपक्ष ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रही है।
FIR On Samajwadi Party MP Iqra Hasan: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में डीआईजी दफ्तर के बाहर हुए प्रदर्शन और चक्काजाम मामले में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन कानूनी मुश्किलों में घिर गई हैं। सिविल लाइन चौकी प्रभारी की तहरीर पर थाना सदर बाजार पुलिस ने इकरा हसन समेत छह नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इन सभी पर प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम करने और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में यूपी सरकार के पूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप, शेषपाल, सत्यपाल, अनुज, तेजपाल और अजय को भी नामजद किया गया है। पूरा विवाद शामली जिले के दशाले गांव में हुई मोनू कश्यप की हत्या से जुड़ा है, जिसके पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सांसद इकरा हसन 19 मई को समर्थकों के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए जब वह धरने पर बैठीं, तो पुलिस ने उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया और पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप समेत पांच लोगों को शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया था। इसके विरोध में इकरा हसन ने सदर बाजार थाने के बाहर देर रात तक धरना दिया था, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया था। अब पुलिस प्रशासन की इस एफआईआर की कार्रवाई पर विपक्ष ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रही है।
