'सुंदर पुरुष पसंद नहीं, महिलाएं पसंद हैं', गाजा शांति बैठक में ट्रंप का बेबाक बयान, जानें UN को लेकर क्या कहा?

Trump UN Challenge: ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक में गाजा पुनर्निर्माण पर चर्चा की, लेकिन उनका एक मजाक और UN को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। आइए जानते हैं बैठक में क्या हुआ?
'I don't like handsome men, I like women', Trump's outspoken statement at the Gaza peace meeting, know what he said about the UN?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप , फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Donald Trump Viral Remark: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी अनूठी और बेबाक कूटनीतिक शैली के लिए जाने जाते हैं, और इसका ताजा उदाहरण वॉशिंगटन में आयोजित 'बोर्ड ऑफ पीस' की उद्घाटन बैठक में देखने को मिला। गाजा के पुनर्निर्माण और मध्य-पूर्व संघर्ष के समाधान के लिए गठित इस नए मंच की पहली बैठक में ट्रंप ने अपने मजाकिया लहजे से सबको चौंका दिया। मंच पर विश्व नेताओं का परिचय देते समय ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे युवा, सुंदर पुरुष पसंद नहीं हैं। महिलाएं मुझे पसंद हैं। पुरुषों में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है।

नेताओं की तारीफ और व्यक्तिगत टिप्पणियां

यह टिप्पणी तब आई जब राष्ट्रपति ट्रंप पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का परिचय दे रहे थे। इस दौरान ट्रंप ने वहां मौजूद नेताओं की ताकत, संपत्ति और उनके पहनावे की जमकर तारीफ की। उन्होंने अपने संबोधन में कई किस्से सुनाए, जिनमें प्रशंसा और आत्म-प्रचार का मिश्रण साफ झलक रहा था। जब नेता समूह फोटो के लिए इकट्ठा हो रहे थे तब पृष्ठभूमि में जेम्स ब्राउन का गाना 'इट्स ए मैन'एस मैन'एस मैन'एस वर्ल्ड' बज रहा था जिसने माहौल को और अधिक अनौपचारिक बना दिया।

'बोर्ड ऑफ पीस' का विजन

बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्य-पूर्व में शांति और गाजा का पुनरुद्धार था। ट्रंप ने इस बोर्ड को एक ऐसे मंच के रूप में वर्णित किया है जो गाजा राहत पैकेज को समन्वित करेगा और संभावित रूप से एक 'गाजा स्थिरीकरण बल' की निगरानी करेगा। हालांकि, कुछ अमेरिकी सहयोगियों ने इस बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिससे इसकी वैश्विक पहुंच पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि गाजा पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्धता अरबों डॉलर तक पहुंच सकती है, हालांकि फिलहाल किसी निश्चित आंकड़े की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने लंबे समय तक शांति के लिए हमास के निरस्त्रीकरण की अपनी मांग को भी दोहराया।

संयुक्त राष्ट्र को सीधी चुनौती

इस कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि समय आने पर 'बोर्ड ऑफ पीस' संयुक्त राष्ट्र (UN) का प्रतिद्वंद्वी बन सकता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ऑफ पीस लगभग संयुक्त राष्ट्र की निगरानी करने जा रहा है... उन्हें मदद की जरूरत है। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि इस तरह का समानांतर तंत्र गाजा में चल रहे मौजूदा मानवीय कार्यों और संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के साथ टकराव पैदा कर सकता है।

ट्रंप की कूटनीति

यह आयोजन 'यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस' में आयोजित किया गया था जिसके बारे में ट्रंप ने दावा किया कि इसका नाम उनके सम्मान में बदला गया है। उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इसके बदले उन्हें कोई वित्तीय उपहार मिलेगा।

पूरे आयोजन में ट्रंप ने अपनी विशिष्ट 'थियेट्रिकल डिप्लोमेसी' का प्रदर्शन किया जिसमें वे सख्त फैसलों और व्यक्तिगत आकर्षण का उपयोग करते हैं। उन्होंने अतीत के उन उदाहरणों का भी उल्लेख किया जब उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए 'टैरिफ' की धमकियों का उपयोग करने का दावा किया था।

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