ट्रंप के Board of Peace ने किया गाजा की मदद के लिए 10 अरब डॉलर की भारी सहायता का ऐलान

Gaza Recovery Plan: डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' की शुरुआत करते हुए गाजा के लिए 10 अरब डॉलर की सहायता राशि घोषित की है। इसमें 40 देशों ने भाग लिया और भारत-पाक तनाव पर भी सख्त चेतावनी दी गई।
Trump Launches Board of Peace with $10 Billion US Aid for Gaza Recovery and Stability
'बोर्ड ऑफ पीस' (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Trump Gaza Board Of Peace Aid: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में युद्ध के बाद शांति और पुनर्निर्माण के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत अमेरिका ने गाजा को मानवीय राहत और स्थिरता प्रदान करने के लिए 10 अरब डॉलर के भारी योगदान की घोषणा की है। इस बैठक में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के उपायों पर गहन चर्चा की गई। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि युद्ध अब समाप्त हो चुका है और अब पूरा ध्यान गाजा के विकास और वहां के लोगों की सुरक्षा पर केंद्रित है।

बोर्ड ऑफ पीस की शुरुआत

ट्रंप ने वाशिंगटन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस नए वैश्विक मंच की आधिकारिक शुरुआत की जहां उन्होंने शांति के महत्व पर जोर दिया। इस मंच का प्राथमिक लक्ष्य गाजा में युद्ध के बाद राहत कार्यों का संचालन करना और वहां एक स्थिर प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह बहाल करना है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शांति हासिल करना भले ही कठिन हो लेकिन उनकी सरकार इसे हर हाल में मुमकिन बनाकर ही दम लेगी।

भारी वित्तीय सहायता का वादा

गाजा के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका द्वारा घोषित 10 अरब डॉलर की सहायता राशि इस पूरे मिशन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। ट्रंप ने कहा कि युद्ध की विनाशकारी लागत की तुलना में यह राशि बहुत कम है और यह मानवता की सेवा के लिए एक निवेश की तरह है। इसके अतिरिक्त कजाखस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने भी राहत पैकेज के लिए 7 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दिया है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा

मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय गाजा की सहायता के लिए 2 अरब डॉलर जुटाने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ फीफा भी क्षेत्र में खेल और सामुदायिक विकास के लिए 7.5 करोड़ डॉलर की विशेष परियोजनाएं शुरू करेगा। अमेरिका इस बोर्ड ऑफ पीस को सबसे बड़ा योगदान दे रहा है क्योंकि उसे लगता है कि युद्ध की तुलना में शांति स्थापित करना बहुत सस्ता है।

विदेशी सुरक्षा बलों की तैनाती

सुरक्षा की दृष्टि से अल्बानिया, कोसोवो और कजाखस्तान ने गाजा में अपनी पुलिस और सैनिक भेजने की प्रतिबद्धता जताई है ताकि वहां कानून व्यवस्था बनी रहे। मिस्र और जॉर्डन जैसे पड़ोसी देश फिलिस्तीनी पुलिस बल को पेशेवर प्रशिक्षण देने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि इन देशों के सहयोग से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति को मजबूती मिलेगी और अराजकता पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

हमास को कड़ी चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि गाजा का युद्ध अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है और सभी जीवित एवं मृत बंधक घर लौट चुके हैं। उन्होंने हमास को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे अब अपने हथियार पूरी तरह डाल देने चाहिए वरना उसके खिलाफ आने वाले समय में सख्त कार्रवाई की जाएगी। पिछले अक्टूबर से लागू संघर्षविराम अब भी जमीन पर मजबूती से कायम है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति प्रक्रिया की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

भारत और पाकिस्तान पर रुख

इस कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने दक्षिण एशिया के दो प्रमुख देशों भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का उल्लेख करना भी जरूरी समझा। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से तनाव कम करने का कड़ा आग्रह किया था क्योंकि दोनों ही राष्ट्र परमाणु हथियारों से संपन्न हैं। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर दोनों देशों ने संघर्ष जारी रखा तो वे उन पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं।

संघर्ष की दर्दनाक पृष्ठभूमि

उल्लेखनीय है कि गाजा में इस खूनी संघर्ष की दुखद शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले के साथ हुई थी। उस हमले में करीब 1,200 निर्दोष लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोगों को बंधक बनाकर अज्ञात स्थानों पर रखा गया था। इसके बाद इजरायल की सैन्य कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत हुई जिससे गाजा में एक अभूतपूर्व मानवीय संकट ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया।

Navbharat Live
navbharatlive.com