US में मचा बवाल, कॉन्सेप्ट फोटो
US Minneapolis Protests News In Hindi: अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की राजधानी मिनियापोलिस इस समय एक बड़े संवैधानिक और नागरिक संघर्ष का केंद्र बन गई है। शहर में अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट एजेंटों की भारी मौजूदगी के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब एक सप्ताह पहले एक ICE एजेंट की गोलीबारी में एक अमेरिकी महिला की मौत हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने शहर में सैकड़ों फेडेरल एजेंट्स तैनात कर दिए।
शनिवार को स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब एक संघीय अधिकारी ने एक वेनेजुएला के नागरिक को ‘टारगेटेड ट्रैफिक स्टॉप’ के दौरान रोकने की कोशिश की। अधिकारियों का दावा है कि संदिग्ध ने भागने की कोशिश की और गिरफ्तारी का विरोध करते हुए अधिकारी पर हमला कर दिया।
इसी दौरान पास के अपार्टमेंट से दो लोग बाहर आए और उन्होंने बर्फ हटाने वाले फावड़े और झाड़ू के डंडे से अधिकारी पर हमला किया। आत्मरक्षा में अधिकारी ने गोली चलाई, जिससे वेनेजुएला का नागरिक घायल हो गया। इस घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जुट गई और पुलिस को आंसू गैस व फ्लैशबैंग ग्रेनेड का इस्तेमाल करना पड़ा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर मिनेसोटा के नेताओं को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने लिखा कि यदि ‘भ्रष्ट नेता’ पेशेवर उपद्रवियों को ICE के देशभक्त अधिकारियों पर हमला करने से नहीं रोकते तो वे इंसरेक्शन ऐक्ट (Insurrection Act) लागू करेंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब डेमोक्रेट मेयर जैकब फ्रे ने स्थिति को ‘असहनीय’ बताते हुए कहा है कि दो सरकारी संस्थाएं (राज्य और संघीय) एक-दूसरे से लड़ रही हैं।
बता दें कि सामान्य परिस्थितियों में 1878 के ‘Posse Comitatus Act’ के तहत अमेरिकी सेना नागरिक कानून-व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, 1792 में बना ‘इंसरेक्शन ऐक्ट’ राष्ट्रपति को यह असाधारण शक्ति देता है कि वे आपात स्थिति में अमेरिकी धरती पर सेना तैनात कर सकें। जिसमें मुख्य रूप से दो धारा है जिसमें-
ऐतिहासिक रूप से, जॉर्ज वॉशिंगटन से लेकर जॉन एफ. कैनेडी तक कई राष्ट्रपतियों ने इस कानून का उपयोग किया है। हालांकि, आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन जानबूझकर तनाव बढ़ा रहा है ताकि सेना तैनाती का बहाना मिल सके, जिसे कई लोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और ‘तानाशाही’ की ओर एक कदम मान रहे हैं।