डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया न्यूक्लियर हथियारों की लिमिट बढ़ाने का रूसी ऑफर, बोले- करेंगे नया और बेहतर समझौता

Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सेना और परमाणु हथियारों का पुनर्निर्माण किया, न्यू स्टार्ट को छोड़कर नई, चीन समेत आधुनिक संधि पर काम करना चाहिए।
Donald Trump on New START Treaty
डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Donald Trump on New START Treaty: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिकी सेना को पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया, जिसमें नए और कई नवीनीकृत परमाणु हथियार शामिल थे। उन्होंने स्पेस फोर्स की स्थापना भी की और अब वे अपनी सेना को एक ऐसे स्तर पर पुनर्निर्मित कर रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।

ट्रंप ने यह भी कहा कि वे बैटलशिप जोड़ रहे हैं, जो दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल होने वाले युद्धपोतों जैसे आयोवा, मिसौरी, अलबामा की तुलना में 100 गुना अधिक शक्तिशाली होंगे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तान और भारत, ईरान और इज़राइल, और रूस और यूक्रेन के बीच दुनिया भर में संभावित परमाणु युद्ध को रोकने में भूमिका निभाई है।

‘न्यू स्टार्ट’ पर ट्रंप का रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ‘न्यू स्टार्ट’ (Strategic Arms Reduction Treaty) एक “खराब तरीके से की गई डील” है और इसका कई जगह उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे बढ़ाने के बजाय अमेरिका को अपने परमाणु विशेषज्ञों को एक नई, बेहतर और आधुनिक संधि पर काम करने के लिए कहना चाहिए, जो भविष्य में लंबे समय तक टिक सके। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे अमेरिका-रूस हथियार नियंत्रण समझौता को एक बेहतर समझौते से बदल सकते हैं, जिसमें चीन भी शामिल हो। ऐसा होने पर दशकों पुराने इस समझौते का अंत हो जाएगा।

 नई डील बनना आसान नहीं

गुरुवार को, जब ओबामा के समय की यह ट्रीटी खत्म हो गई, तब वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच आगे का रास्ता तलाशने की कोशिशें शुरू हुईं। लेकिन कई पुराने वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों और विश्लेषकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन चाहता है कि चीन और रूस इस नई डील में सहयोग करें, तो इसके लिए सालों लग सकते हैं और कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। न्यू स्टार्ट के खत्म होने से 21वीं सदी में पहली बार US और रूस के न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रमों पर कोई बड़ी रोक नहीं रही। इससे नए न्यूक्लियर हथियारों के निर्माण की चिंताएँ बढ़ गई हैं, खासकर जब रूस और चीन एक पश्चिमी गठबंधन के खिलाफ खड़े हो रहे हैं, और ट्रंप के लौटने के बाद यह गठबंधन कमजोर होता दिख रहा है।

अस्थायी भी हो सकता है नया समझौता

इस सप्ताह US और रूस के बीच बातचीत के लोग न्यू स्टार्ट की समाप्त पाबंदियों को मानने के लिए किसी डील के करीब दिखे। खबरें हैं कि ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने यूक्रेन युद्ध पर अबू धाबी में बातचीत के दौरान रूस के साथ हथियार नियंत्रण वार्ता का नेतृत्व किया था।

हालांकि, कई वरिष्ठ पूर्व अधिकारियों का कहना है कि एक अस्थायी समझौते में वह पारदर्शिता नहीं होगी, जो एक औपचारिक दीर्घकालिक संधि में होती है। न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन पर काम करने वाले पूर्व अधिकारियों और विश्लेषकों का कहना है कि US और रूस के बीच हथियार नियंत्रण संधि के कम्प्लायंस और वेरिफिकेशन नियमों पर बातचीत में आमतौर पर सालों लगते हैं, और ट्रंप के शीर्ष वार्ताकार इसे जल्दी तैयार नहीं कर सकते।

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