अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump 15 Global Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को नजरअंदाज करते हुए वैश्विक स्तर पर टैरिफ में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान किया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को असंवैधानिक घोषित करते हुए खारिज कर दिया था। हालांकि, अगले ही दिन ट्रंप ने अपनी नीति को और सख्त करने का निर्णय लिया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर पोस्ट करते हुए घोषणा की कि अब से सभी देशों से होने वाले आयात पर लागू होने वाला टैरिफ 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका का फायदा उठाते आए हैं, लेकिन अब उनकी सरकार इस शोषण को रोकने के लिए काम कर रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि आने वाले महीनों में वे नए टैक्स भी लागू करेंगे, जो कानूनी होंगे, और उनका उद्देश्य अमेरिका को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और महान बनाना है।
यह निर्णय उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत लिया है, जो राष्ट्रपति को भुगतान घाटे की स्थिति में 150 दिनों तक 15 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। इससे पहले ट्रंप ने 10 प्रतिशत का अस्थायी वैश्विक टैरिफ लागू किया था। अब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी से यह टैरिफ अधिकतम सीमा तक पहुंच गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को आवश्यक बताते हुए कहा कि यह नीति अमेरिका को लंबे समय से हो रहे नुकसान से बचाने के लिए जरूरी है। उनका कहना है कि पिछली सरकारों ने अन्य देशों को अमेरिका का फायदा उठाने दिया, लेकिन अब यह स्थिति बदलने जा रही है। ट्रंप की यह नीति “अमेरिका फर्स्ट” के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके तहत वे अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देते हैं।
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इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि अन्य देशों के साथ व्यापार की शर्तों में बदलाव आ सकता है। ट्रंप की यह नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
Ans: ट्रंप ने यह फैसला अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने और दूसरे देशों द्वारा अमेरिका का शोषण रोकने के लिए लिया है। उनका उद्देश्य अमेरिका को और अधिक शक्तिशाली और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
Ans: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था, लेकिन ट्रंप ने अगले दिन ही अपनी नीति को सख्त करते हुए 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ा दिया, जिससे कोर्ट के फैसले का असर न के बराबर हुआ।
Ans: 'अमेरिका फर्स्ट' सिद्धांत के तहत ट्रंप ने अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों को प्राथमिकता दी है। इसका उद्देश्य अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना और अन्य देशों के मुकाबले अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
Ans: ट्रंप ने यह कदम 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत उठाया, जो राष्ट्रपति को 150 दिनों तक अधिकतम 15 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है, जब अमेरिका का व्यापार घाटा बढ़ा हो।
Ans: इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि टैरिफ बढ़ने से दूसरे देशों के साथ व्यापार संबंध प्रभावित हो सकते हैं। इससे वैश्विक व्यापार संरचना में बदलाव आ सकता है।