राष्ट्रपति पेजेशकियान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Pope Conflict Iran President Pezeshkian Statement: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV के बीच छिड़ा विवाद अब एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मुद्दे में बदल गया है। इस विवाद में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की एंट्री ने मामले को और अधिक गरमा दिया है। पेजेशकियान ने पोप के समर्थन में उतरते हुए ट्रंप द्वारा किए गए अपमान की कड़े शब्दों में निंदा की है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के हालात बने। इस दौरान पोप लियो XIV ने लगातार शांति की अपील की और युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। पोप ने स्पष्ट कहा कि किसी भी देश या उसकी जनता को खत्म करने की धमकी देना पूरी तरह गलत है और समस्याओं का समाधान बातचीत से ही निकलना चाहिए। उन्होंने ईश्वर के नाम पर युद्ध को सही ठहराने की भी आलोचना की।
عالی جناب پاپ لئون چهاردهم (@Pontifex) به نمایندگی از ملت بزرگ ایران توهین به جنابعالی را محکوم میکنم و اعلام میدارم هتک حرمت عیسی (ع)، پیامبر صلح و برادری برای هیچ آزادهای قابل قبول نیست. از الله برای شما سربلندی آرزو میکنم. https://t.co/9ZLi54FjKn — Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) April 13, 2026
पोप के इन शांति संदेशों पर प्रतिक्रिया देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर उन्हें ‘कमजोर’ और ‘बेकार’ करार दे दिया। ट्रंप ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा पोप पसंद नहीं है जो उनकी नीतियों की आलोचना करे।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पोप को संबोधित करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईसा मसीह शांति और भाईचारे के प्रतीक हैं और उनकी तौहीन किसी भी आजाद इंसान को मंजूर नहीं होनी चाहिए। पेजेशकियान ने ईरान की जनता की ओर से इस अपमान की निंदा की और पोप को सम्मान का संदेश भेजा। यह घटना इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच चरम तनाव के बावजूद ईरान ने एक ईसाई धर्मगुरु के मूल्यों का समर्थन किया है।
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डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख और अपमानजनक टिप्पणियों के बावजूद पोप लियो XIV ने बहुत शांत तरीके से जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे कोई राजनेता नहीं हैं और उनका काम केवल लोगों को जोड़ना और शांति का संदेश देना है। पोप ने जोर देकर कहा कि वे ट्रंप की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और अपना शांति का मिशन जारी रखेंगे।