होर्मुज खुलते ही खुश हुए शी जिनपिंग: ट्रंप का बड़ा दावा, चीन और अमेरिका के बीच होने वाली है ऐतिहासिक डील

Donald Trump ने ईरान को बुधवार तक का अल्टीमेटम देते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने पर चीन की खुशी और वैश्विक बाजार में हलचल ने तनाव बढ़ा दिया है।
trump xi jinping meeting
डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump-Xi Jinping Meeting: ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की संभावित वार्ता से पहले ही पश्चिम एशिया की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान के हालिया रुख ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। ईरान द्वारा मार्ग खोलने के संकेत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसे वैश्विक स्तर पर “सकारात्मक विकास” बताया और दावा किया कि इससे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी बेहद खुश हैं।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य या तो पूरी तरह खुल चुका है या तेजी से खुलने की प्रक्रिया में है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर अमेरिका और चीन के बीच आगामी बैठक अहम और संभावित रूप से ऐतिहासिक हो सकती है। उनके अनुसार, इस स्थिति से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिलेगी और बाजार में स्थिरता लौट सकती है।

ईरान पर फिर होगा हमला

हालांकि इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को कड़ा संदेश भी दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले बुधवार तक कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है। उनके बयान के अनुसार, समझौता पूरा होने तक अमेरिका होर्मुज क्षेत्र से अपनी नौसैनिक उपस्थिति नहीं हटाएगा और युद्धपोत वहां तैनात रहेंगे।

दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने रुख में बदलाव किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि सीजफायर जारी रहने की स्थिति में होर्मुज को सभी देशों के लिए खुला रखा जाएगा। लेकिन अमेरिकी दबाव और ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर नाकाबंदी या सैन्य दबाव जारी रहता है, तो वह इस जलमार्ग को फिर से बंद कर सकता है। इससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इसके खुलने या बंद होने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका-ईरान वार्ता को और अधिक जटिल बना दिया है। एक ओर बातचीत की उम्मीदें बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर धमकियों और चेतावनियों ने तनाव को भी बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीति तनाव पर भारी पड़ती है या फिर हालात और बिगड़ते हैं। 

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