डोनाल्ड ट्रंप, कीर स्टार्मर और एंथनी अल्बनीज, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Hormuz Blockade UK Australia Rejects: मध्य पूर्व में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे की मैराथन वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इस विफलता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की पूर्ण नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना उन सभी जहाजों को रोकेगी और उनकी तलाशी लेगी जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या जिन्होंने ईरान को ‘अवैध टोल’ दिया है।
ट्रंप के इस बड़े सैन्य कदम को उस समय गहरा धक्का लगा जब अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने इस अभियान में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनका देश ईरान के खिलाफ किसी भी नौसैनिक नाकेबंदी का हिस्सा नहीं बनेगा।
स्टार्मर ने कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें नहीं फंसेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन की प्राथमिकता होर्मुज मार्ग को खुला रखना है ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित न हों और आम जनता के बिजली-गैस के बिल न बढ़ें।
इसी तरह, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस अभियान से किनारा कर लिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अमेरिका से नाकेबंदी में शामिल होने का कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है और वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के सम्मान के पक्ष में हैं।
अमेरिकी धमकी के बाद ईरान के तेवर भी बेहद सख्त हो गए हैं। ईरान के सशस्त्र बलों ने चेतावनी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ तो क्षेत्र का कोई भी अन्य बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘समुद्री डकैती’ करार देते हुए कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर या तो सभी के लिए सुरक्षित होंगे या किसी के लिए भी नहीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह नाकेबंदी सोमवार सुबह 10 बजे (पूर्वी मानक समय) से प्रभावी हो जाएगी। हालांकि, अमेरिका ने यह रियायत दी है कि जो जहाज गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा कर रहे हैं, उन्हें होर्मुज से गुजरने दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह कदम ईरान के प्रभाव को सीमित करने के लिए उठाया गया है।
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ट्रंप की इस चेतावनी का असर तत्काल दिखने लगा है। ‘लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस’ के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात पूरी तरह से रुक गया है। खबर है कि होर्मुज से बाहर निकल रहे कई जहाज वापस लौट गए हैं।
यह तनाव ऐसे समय में आया है जब यह युद्ध अपने सातवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और हजारों जिंदगियां निगल चुका है। तुर्की जैसे देशों ने अब भी उम्मीद जताई है कि कूटनीतिक रास्तों से इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता है और युद्धविराम को 60 दिनों तक बढ़ाने का सुझाव दिया है।