लॉटरी से अब नहीं मिलेगा ग्रीन कार्ड, ट्रंप ने एक झटके में लगाया बैन, करोड़ों आवेदकों का सपना टूटा

US Visa Policy: ट्रंप प्रशासन ने 'ग्रीन कार्ड लॉटरी' को सस्पेंड किया, संदिग्ध अपराधी की लॉटरी के जरिए अमेरिका प्रवेश के बाद, सुरक्षा खतरे को लेकर इमिग्रेशन नीतियों में कड़ी बदलाव किए।
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डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump Suspends Green Card Lottery: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी सख्ती दिखाई। उनके प्रशासन ने 'डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी' (ग्रीन कार्ड लॉटरी) को तुरंत बंद करने का आदेश दिया। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने सोशल मीडिया एक्स पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर यूएससीआईएस को यह प्रोग्राम रोकने को कहा गया है। कारण है राष्ट्रीय सुरक्षा।

नोएम ने इस की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर यूनाइटेड स्टेट्स सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) को यह आदेश दिया गया है कि इस प्रोग्राम को रोक दिया जाए। नोएम ने कहा कि "ऐसे अपराधी को कभी भी हमारे देश में आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए थी," और संदिग्ध पुर्तगाली नागरिक क्लॉडियो नेव्स वैलेंटे का उदाहरण दिया, जो इस लॉटरी के माध्यम से अमेरिका आया था।

गोलीबारी घटनाओं के बाद फैसला

ब्राउन यूनिवर्सिटी और MIT में हुई गोलीबारी के मुख्य संदिग्ध 48 साल के पुर्तगाली नागरिक क्लॉडियो नेव्स वैलेंटे थे। उन पर दो छात्रों की हत्या, 9 लोगों को घायल करने और एक एमआईटी प्रोफेसर की हत्या का आरोप था। वैलेंटे 2000 में स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आए। लेकिन 2017 में उन्हें डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी मिल गई। इससे वे जल्दी ग्रीन कार्ड ले सके और अमेरिका में कानूनी रूप से रहने लगे। पुलिस ने उन्हें घेरा तो उन्होंने खुद को गोली मार ली।

क्या है ग्रीन कार्ड लॉटरी?

इस प्रोग्राम तहत हर साल करीब 50,000 लोगों को लॉटरी के जरिए के से ग्रीन कार्ड दिया जाता है। 2025 की लॉटरी के लिए दुनिया भर से 2 करोड़ लोगों ने आवेदन किया। 1.31 लाख को शुरुआती चयन मिला था। अब जांच के बाद ग्रीन कार्ड मिलना मुश्किल हो गया। लाखों लोगों का अमेरिका जाने का सपना टूट गया।

राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से इस लॉटरी के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि यह सुरक्षा के लिए खतरा है। हाल की घटनाओं ने नीतियां और सख्त करने का बहाना दिया। पहले अफगानी नागरिकों के नियम कड़े किए गए। अवैध प्रवासियों को बड़े पैमाने पर देश से निकालने का प्लान है। अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता देने के अधिकार को भी चुनौती दी जा रही है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।

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