भारत से डरबन जा रहे जहाज पर भीषण अटैक, सोमालिया के तट पर रॉकेट और मशीनगन से हमला

India to South Africa Ship Attack: सोमालिया तट के पास समुद्री डाकुओं ने भारत से दक्षिण अफ्रीका जा रहे एक जहाज पर मशीनगन और रॉकेट ग्रेनेड से हमला किया। ब्रिटिश सेना ने अलर्ट जारी किया।
A fierce attack on a ship going from India to Durban, machine guns and rockets fired from the coast of Somalia, caused panic.
भारत से डरबन जा रहे जहाज पर भीषण हमला, सांकेतिक तस्वीर
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Somali Pirates Attack: भारत से दक्षिण अफ्रीका के डरबन जा रहे माल्टा के ध्वज वाले एक टैंकर पर सोमालिया के तट के निकट समुद्री डाकुओं ने भीषण हमला किया है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मशीनगन और रॉकेट चालित ग्रेनेड (RPG) से हमला किया, जिससे जहाज पर सवार चालक दल को अपनी सुरक्षा के लिए अंदर छिपना पड़ा।

ब्रिटिश सेना के यूके मरीन ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए समुद्र में मौजूद अन्य जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने बताया कि यह हमला सोमालिया के तट के पास उस क्षेत्र में हुआ है जहां पिछले कुछ महीनों से समुद्री डाकू फिर से सक्रिय हो गए हैं।

कई नावों को बनाया निशाना

निजी सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे (Ambrey) के अनुसार, यह हमला सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा किया गया प्रतीत होता है। फर्म ने बताया कि हाल के दिनों में इन डाकुओं ने कई नावों को निशाना बनाया है और कुछ को कब्जे में भी लिया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने हाल ही में एक ईरानी मछली पकड़ने वाली नाव को भी जब्त कर लिया था, हालांकि ईरान ने इस दावे को खारिज किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर मार्ग पर किए जा रहे लगातार हमलों के कारण समुद्री मार्गों में असुरक्षा बढ़ गई है, जिससे सोमाली समुद्री डाकू फिर से सक्रिय होने लगे हैं। हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद कई देशों के जहाजों ने अपने मार्ग बदल लिए, जिससे अफ्रीकी तटीय क्षेत्रों में गश्त कमजोर पड़ी और समुद्री डाकुओं को मौका मिल गया।

237 घटनाएं की गई दर्ज

इंटरनेशनल मैरीटाइम ब्यूरो (IMB) के अनुसार, साल 2024 में सोमालिया के पास समुद्री डकैती की कम से कम सात घटनाएं रिपोर्ट की गईं। वहीं, इस साल अब तक कई मछली पकड़ने वाली नावों पर कब्जे की खबरें आई हैं।

गौरतलब है कि साल 2011 में सोमाली समुद्री डकैती अपने चरम पर थी, जब 237 घटनाएं दर्ज की गई थीं। उस समय कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों को महीनों तक बंधक बनाकर रखा गया था और फिरौती वसूली गई थी। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में ऐसे मामलों में कमी आई थी, लेकिन अब हालात फिर से गंभीर हो रहे हैं।

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