ट्रंप का मीडिया पर तीखा हमला, कहा-ईरान की सैन्य शक्ति पूरी तरह तबाह; अब दुनिया को अमेरिकी तेल का सहारा

Trump Attack On Media: ट्रंप ने 'फेक न्यूज मीडिया' की आलोचना करते हुए दावा किया है कि ईरान की सैन्य शक्ति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अब दुनिया के तेल टैंकर अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं।
Donald Trump Launches Sharp Attack on Media: 'Iran's Military Power Completely Destroyed; The World Now Relies on American Oil'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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 Trump Attack On Media Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और ईरान की वर्तमान स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। शनिवार को जारी अपनी नवीनतम टिप्पणी में ट्रंप ने दावा किया कि मुख्यधारा का मीडिया, जिसे वे 'फेक न्यूज मीडिया' कहते हैं, ईरान की वास्तविक स्थिति को लेकर दुनिया को गुमराह कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, ईरान संघर्ष में लगातार कमजोर हो रहा है और उसकी सैन्य क्षमताएं लगभग समाप्त होने की कगार पर हैं।

मीडिया और 'ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम' पर हमला

राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह 'ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम' (TDS) का शिकार हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि ईरान इस क्षेत्रीय संघर्ष में बढ़त बना रहा है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान को युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वह अब पहले जैसा शक्तिशाली नहीं रहा।

ईरानी सैन्य ढांचे की तबाही का दावा

ईरान की सैन्य क्षमताओं का विवरण देते हुए ट्रंप ने कहा कि उसकी नौसेना, वायुसेना और वायु रक्षा प्रणालियां काफी हद तक निष्क्रिय हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के रडार सिस्टम और मिसाइल व ड्रोन निर्माण के बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेता अब जीवित नहीं हैं, जिससे वहां नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ईरान के पास अब केवल समुद्री माइन (mines) का ही सहारा बचा है, हालांकि उनके 28 माइन-ड्रॉपर बोट भी नष्ट किए जा चुके हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक व्यापार

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है जो वैश्विक हित में है। उन्होंने इसे चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों के लिए एक 'एहसान' बताया, क्योंकि यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। ट्रंप ने ईरान की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें इस मार्ग को सुरक्षित रखने की न तो हिम्मत है और न ही इच्छाशक्ति।

अमेरिकी तेल की बढ़ती मांग

ऊर्जा बाजार पर टिप्पणी करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया भर के खाली तेल टैंकर अब अमेरिका की ओर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन टैंकरों को अमेरिका में 'बेहतरीन तेल' मिलेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण शांति वार्ता चल रही है। ट्रंप के इस रुख से स्पष्ट है कि वे कूटनीति के साथ-साथ 'अधिकतम दबाव' की नीति को भी जारी रखना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि इन तीखे बयानों का असर इस्लामाबाद में जारी सीजफायर वार्ता पर क्या पड़ता है।

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