

Low Trump Approval Rating Poll: डोनाल्ड ट्रंप के लिए अमेरिका से एक बहुत बुरी खबर सामने आ रही है जहां उनकी लोकप्रियता अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। रॉयटर्स और आईपीएसओएस के नए सर्वेक्षण के अनुसार अब ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग का सर्वेक्षण केवल 34 प्रतिशत पर ही सिमट कर रह गई है। इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध और देश में लगातार बढ़ती हुई भयंकर महंगाई को माना जा रहा है। देश की जनता उनके कामकाज के तरीकों से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है जिससे आने वाले चुनावों में उनकी मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं।
जब जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार सत्ता संभाली थी तब उनकी अप्रूवल रेटिंग 47 प्रतिशत के करीब दर्ज की गई थी। लेकिन अब ईरान के साथ 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष के बाद देश के हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया है जिसने आम नागरिकों के घरेलू बजट और उनके जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इसके चलते अब मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को अपनी सत्ता जाने का डर सताने लगा है जो पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी चिंता है।
अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 40 प्रतिशत से ज्यादा की भयंकर वृद्धि दर्ज की गई है। इस भारी उछाल के बाद अब पेट्रोल की कीमत लगभग 4.18 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच चुकी है। ईंधन की इन लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों की कमर तोड़ दी है और दैनिक जीवन की लागत बहुत ज्यादा बढ़ा दी है।
हार्वर्ड सीएपीएस हैरिसएक्स के ताजा सर्वे में 85 प्रतिशत अमेरिकी मतदाताओं ने देश की बेकाबू महंगाई पर अपनी गहरी चिंता जताई है। लोगों का स्पष्ट मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप महंगाई और जीवन यापन की लागत को संभालने में पूरी तरह से विफल साबित हुए हैं। केवल 22 प्रतिशत लोग ही इस गंभीर मोर्चे पर राष्ट्रपति के खराब प्रदर्शन को किसी तरह से सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
सर्वेक्षण में शामिल लगभग 52 प्रतिशत लोगों का स्पष्ट रूप से मानना है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का कार्यकाल ज्यादा बेहतर था। उनके अनुसार बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका की आर्थिक स्थिति आज के तनावपूर्ण माहौल के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत और स्थिर थी। ट्रंप के मौजूदा शासनकाल में आम आदमी को आर्थिक मोर्चे पर काफी ज्यादा नुकसान और रोजमर्रा की परेशानियों का भारी सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे मौजूदा संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर बहुत ही ज्यादा नकारात्मक असर पड़ा है। इस गंभीर तनाव और युद्ध के माहौल का खुलकर समर्थन अमेरिका के केवल 34 प्रतिशत नागरिक ही कर रहे हैं। बाकी अधिकांश अमेरिकी नागरिक इस अनावश्यक युद्ध को देश की खराब होती अर्थव्यवस्था और आसमान छूती महंगाई का सबसे प्रमुख कारण मान रहे हैं।
यह सच है कि डोनाल्ड ट्रंप को अभी भी 78 प्रतिशत कट्टर रिपब्लिकन समर्थकों का मजबूत साथ और पूरा भरोसा मिला हुआ है। लेकिन उनकी ही अपनी पार्टी के भीतर 41 प्रतिशत लोग महंगाई से निपटने के उनके कमजोर तरीके से बेहद असंतुष्ट और नाराज हैं। यह बढ़ता हुआ भारी आंतरिक असंतोष आगामी नवंबर चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है।