'इस्लाम एक मुसीबत है...', वाशिंगटन अटैक पर भड़के ट्रंप के करीबी सांसद, मुसलमानों पर बोला हमला

Washington Attack: वाशिंगटन में अफगान मूल के संदिग्ध द्वारा दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर हमले के बाद अमेरिका में इमिग्रेशन, सुरक्षा और धार्मिक पहचान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
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वाशिंगटन में दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर हमले के बाद तनाव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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 US Washington DC Attack: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर हुए हमले के बाद की है। हमला करने वाले संदिग्ध की पहचान रहमनुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान से अमेरिका आया था। संदिग्ध की पहचान का खुलासा होने बाद से अमेरिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 

हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के सांसदों हमले की आलोचना करते हुए इस्लाम को लेकर विवादत बयान दिया। कई सांसदो ने तो इस हमले को लेकर ऐसे बयान दिए है लोगों को 9/11 आतंकी हमले की यादें ताजा हो गई। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों की रा बटी हुई नजर आ रही है।

'इस्लाम एक समस्या है'

हमले में दो नेशनल गार्ड सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना की जांच आतंकवादी हमला मानकर की जा रही है। इसी बीच ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। कांग्रेसमैन ब्रैंडन गिल ने सवाल उठाया कि बार-बार ऐसे मामले क्यों होते रहते हैं और ये अफगान मूल का व्यक्ति राजधानी के इतने संवेदनशील इलाके में कैसे रह सकता था। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, इस्लाम एक समस्या है, इससे पहले हमें कितनी बार अल्लाहु अकबर सुनना पड़ेगा? उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर भारी बहस छेड़ दी।

लोगों ने की आचोलना 

कुछ लोगों ने ब्रैंडन गिल की इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की। एक यूजर ने लिखा कि अगर मुस्लिम आप्रवासी समस्या हैं तो वे अपने देश में रहें और अमेरिका को परेशान न करें। एक अन्य यूजर ने कहा कि जब कोई सांसद पूरे धर्म को ‘समस्या’ कहता है तो वह देश की सुरक्षा नहीं कर रहा, बल्कि संविधान की अवमानना कर रहा है। वे कहते हैं कि अमेरिका आतंकवाद से लड़ता है, न कि किसी आस्था के खिलाफ।

कांग्रेसमैन रैंडी फाइन ने भी कहा कि संदिग्ध न केवळ गैरकानूनी था बल्कि इस हमले ने अमेरिकी सुरक्षा को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के बाद लोगों का गुस्सा सही है और सरकार को अवैध विदेशी नागरिकों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

9/11 हमले के बाद जैसी स्थिती

यह पूरा विवाद 9/11 हमलों के बाद शुरू हुई बहस की याद दिलाता है। उस हमले के बाद अमेरिका में मुसलमानों के खिलाफ घृणा बढ़ी थी, और वे भेदभाव का सामना कर रहे थे। इस हमले की निंदा विपक्षी दलों और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और बराक ओबामा ने भी की है।

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