‘अमेरिका ने हासिल की प्रचंड जीत, हमारे कंट्रोल में ईरान की फौज’ राष्ट्र के नाम सबोधन में ट्रंप का दावा
US-Iran War: ईरान-इजरायल युद्ध के 34वें दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी सेना की जीत का दावा किया और कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ध्वस्त कर दिया गया है।
- Written By: अक्षय साहू
डोनाल्ड ट्रंप (सो. सोशल मीडिया)
Trump Address to Nation: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। युद्ध को 34 दिन हो चुके हैं और हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को संबोधित करते हुए सेना की सराहना की और जीत का दावा किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और पिछले एक महीने से जारी इस युद्ध में अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में लगे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि तेहरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
ईरान को निर्णायक झटका दिया
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान को निर्णायक झटका दिया है और उनकी सैन्य ताकत को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु शक्ति बनने नहीं देगा।
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President Trump Delivers an Address to the Nation, Apr. 1, 2026 https://t.co/QgofMPWtzW — The White House (@WhiteHouse) April 2, 2026
अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कतर जैसे देशों का समर्थन मिल रहा है और जल्द ही यह अभियान पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि देश में बढ़े ईंधन के दाम अस्थायी हैं और स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।
ईरान नहीं बना पाएगा परमाणु हथियार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य मिडिल ईस्ट के तेल पर नियंत्रण नहीं, बल्कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के मुख्य लक्ष्य थे:
- अमेरिका को खतरा पहुंचाने वाली ताकत को समाप्त करना
- ईरान की नौसेना और वायुसेना को निष्क्रिय करना
- परमाणु हथियार और आतंकवाद को समर्थन देने की क्षमता को खत्म करना
उन्होंने दावा किया कि इन उद्देश्यों को काफी हद तक हासिल कर लिया गया है।
अमेरिका को होर्मुज की जरूरत नहीं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल आपूर्ति पर निर्भर हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका सहयोग देने को तैयार है, लेकिन नेतृत्व उन देशों को ही करना होगा जो इस तेल पर अत्यधिक निर्भर हैं।
ट्रंप ने सुझाव देते हुए कहा, “पहला, अमेरिका से तेल खरीदें हमारे पास इसकी कोई कमी नहीं है। दूसरा, साहस दिखाएं। यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था। जैसा हमने पहले भी कहा, वैसे ही हमारे साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जाएं, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें और अपने हित में उसका उपयोग करें।”
ईरान पर भीषण हमला करेगी अमेरिकी फौज
उन्होंने कहा कि, आने वाले हफ्तों में अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को तेज कर सकता है, भले ही पर्दे के पीछे बातचीत जारी रहे। उन्होंने कहा, “अगले दो से तीन हफ्तों में हम उन पर कड़ा प्रहार कर सकते हैं।”
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ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान का तेल ढांचा संभावित लक्ष्य हो सकता है और आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका उनके तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है।इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कूटनीतिक विकल्प अभी खुले हैं और बातचीत जारी है, जबकि वॉशिंगटन अपने अगले कदमों पर विचार कर रहा है।
