यूएसएस गेराल्ड फोर्ड के टॉयलेट जाम (सोर्स- सोशल मीडिया)
USS Gerald R. Ford Toilet Jam: दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर, USS गेराल्ड आर. फोर्ड (CVN-78), पर तैनात नाविकों की हालत खराब हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहाज के पतले पाइपों की वजह से टॉयलेट बार-बार जाम हो रहे हैं, जिससे सैकड़ों नाविकों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि लगातार फेल हो रहे सीवेज सिस्टम के कारण क्रू की सेहत और मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है।
यह समस्या उस समय सामने आई है जब एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान पर संभावित कार्रवाई के लिए पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा था। इस वजह से इसके ऑपरेशनल तैयारियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू होता है तो स्थिती और बिगड़ सकती है।
ताजा जानकारी के अनुसार, USS गेराल्ड आर. फोर्ड अब ग्रीस के सौडा बे क्रीट नेवल बेस पर कई दिनों के लिए पोर्ट विजिट पर पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज की मरम्मत की जाएगी, सप्लाई फिर से भरी जाएगी और नाविक आराम कर सकेंगे। इसके बाद यह फिर से इजरायल के समर्थन में पूर्वी भूमध्य सागर की ओर रवाना होगा।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, USS फोर्ड के क्रू को टॉयलेट के लिए 45 मिनट तक लाइन में लगना पड़ता है। यह जहाज इतिहास का सबसे महंगा एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसे अमेरिकी ताकत दिखाने के लिए डिजाइन किया गया था। लेकिन अपने ही क्रू के लिए बुनियादी सुविधाएं देने में यह असफल साबित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, समस्या जनवरी से चल रही है, जब युद्धपोत को कैरिबियन में तैनात किया गया था। इसी एयरक्राफ्ट कैरियर से अमेरिका ने वेनेजुएला पर भी कार्रवाई की थी।
THE PLANNED U.S. ATTACK ON IRAN has a hitch: most of the missile-targeting crew are queuing for toilets on the lead vessel, the USS Gerald R Ford. This is not a joke. A set of emails was obtained by NPR, a US public broadcasting group, revealing that toilet wars have broken out… pic.twitter.com/2rbq7d5CK2 — Nury Vittachi (@NuryVittachi) February 23, 2026
रिटायर्ड रियर एडमिरल मार्क मोंटगोमरी ने कहा कि शांति के समय में एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती आमतौर पर छह महीने की होती है। लेकिन USS फोर्ड के नाविक अब आठ महीने से घर से दूर हैं, और संभावित तैनाती 11 महीने तक बढ़ सकती है।
जहाज पर तैनात कई नाविक लंबे समय से अपने परिवारों से नहीं मिल पाए हैं, जिससे वे गुस्से और डिप्रेशन की स्थिति में हैं। कुछ नाविकों ने नौसेना छोड़ने की भी बात कही है। उन्होंने अपने बच्चों के जन्मदिन, जन्म या करीबी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने की परेशानी जताई है।
USS फोर्ड के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन डेविड स्कारोसी ने कहा कि एक्सटेंशन के कारण क्रू और उनके परिवारों को जो दर्द हुआ, वह हैरान करने वाला है। 14 फरवरी को क्रू के परिवारों को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि कुछ हफ्तों में घर लौटकर सामान्य जीवन में लौट सकेंगे।
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USS फोर्ड पर लगभग 5,000 नाविक हैं, जिनमें अधिकांश 20-25 वर्ष के युवा पुरुष और महिलाएं हैं। संवेदनशील मिशनों के कारण उन्हें अपने परिवारों से कभी-कभार ही संपर्क की अनुमति मिलती है। इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूर रहना उन्हें पूरी दुनिया से अलग-थलग कर रहा है और उनके तनाव को और बढ़ा रहा है।