भारत के दुश्मन देशों में ये नाम हैं शामिल, मोदी सरकार के लिए बने चुनौती
Foreign Relations of India: इन देशों में से चीन, पाकिस्तान, नेपाल ये ऐसे देश हैं जो भारत के कुछ क्षेत्रों को अपना बताते हैं। इसे लेकर ये देश भारत को क्लेम करते रहते हैं। ये देश विवादित क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए हर दिन भारत के लिए चुनौती बन रहे हैं।
- Written By: साक्षी सिंह
Foreign Relations of India
नई दिल्ली: भारत कुल नौ देशों के साथ अपनी सीमा साझा करती है। भारत की सीमाएं जमीनी और जल दोनों मार्गों से लगती हैं। भारत की जमीनी सीमा आठ देशों से लगती है, जबकि समुद्री सीमा सात देशों से लगती है। बांग्लादेश, चीन, भूटान, अफगानिस्तान, नेपाल, पाकिस्तान, म्यांमार, मालदीव और श्रीलंका इन देशों के साथ भारत सीमा साझा करता है। इसमें से चीन समेत कई देश हैं जो भारत के लिए चुनौती बने हए हैं।
इन देशों में से चीन, पाकिस्तान, नेपाल ये ऐसे देश हैं जो भारत के कुछ क्षेत्रों को अपना बताते हैं। इसे लेकर ये देश भारत को क्लेम करते रहते हैं। ये देश विवादित क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए हर दिन भारत के लिए चुनौती बन रहे हैं। वर्तमान में भारत के पड़ोसी देशों में चीन समर्थित विचाराधार की सरकार भी है।
भारत के पड़ोसी देशों में चीन समर्थित सरकार है
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भारत के अगर दुश्मन देशों की बात करें तो मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान है। चीन की विस्तारवादी नीति भारत के अन्य पड़ोसी देश जो चीन के भी साथ सीमा साझा करते हैं, वे भी भारत के लिए किसी दुश्मन राष्ट्र से कम नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर मालदीव की माेइज्जू सरकार और बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार हटने के बाद मोहम्मद यूनुस वाली अंतरिम सरकार का भी चीन झुकाव वाली सरकार है। नेपाल में केपी शर्मा ओली सरकार भी चीन समर्थित है।
चीन की वजह से लाचार हैं ये देश
इसके अलावा म्यामार, भूटान और श्रीलंका ये ऐसे देश हैं जो प्रत्यक्ष तौर पर तो भारत का विरोध तो नहीं करते, लेकिन ये खुलकर भारत के साथ खड़े भी नहीं होते और न ही पक्ष में बोलते हैं। वजह है चीन का प्रभुत्व। म्यामार और भूटान पर तो चीन अपना अधिकार समझता है। वहीं श्रीलंका पर चीन का इतना ऋण है कि चाहकर भी श्रीलंका भारत के साथ नहीं आ सकता।
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हालांकि अनुरा कुमारा दिसानायके वामपंथी विचारधारा में विश्वास रखते हैं, हालांकि भारत को लेकर ऐसा उनका कोई बयान नहीं आया है, जिससे श्रीलंका प्रत्यक्ष तौर पर भारत का दुश्मन का जा सके।
भारत के सीमा विवाद
भारत की भूमि सीमा 15,106.7 किलोमीटर लंबी है और द्वीप क्षेत्रों सहित इसकी तटरेखा 7,516.6 किलोमीटर लंबी है।
- भारत की स्थल सीमा आठ देशों से लगती है।
- भारत की समुद्री सीमा सात देशों से लगती है।
- श्रीलंका और मालदीव भारत की समुद्री सीमा वाले देश हैं।
- बांग्लादेश भारत के साथ सबसे लंबी सीमा साझा करता है।
- चीन भारत के साथ सीमा साझा करने वाला सबसे बड़ा देश है।
- भूटान भारत के साथ सीमा साझा करने वाला सबसे छोटा देश है।
- भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा की लंबाई करीब 3,233 किलोमीटर है।
- भारत की स्थल सीमा करीब 15,200 किलोमीटर लंबी है।
- भारत के समुद्री किनारे की लंबाई 7,516.6 किलोमीटर है।
भारत और मालदीव
भारत और मालदीव, हिंद महासागर में समुद्री सीमा साझा करते हैं। मालदीव, भारत के लक्षद्वीप द्वीप समूह के दक्षिण में स्थित है। मालदीव, भारत और श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक छोटा सा द्वीप देश है।
मोदी सरकार के लिए क्यों है चुनौती
उपर लिखे परिस्थियों को देखें तो भारत के जितने पड़ोसी देश हैं, सभी देशों के सरकार पर चीन का प्रभुत्व देखा जा रहा है। ऐसे में पीएम मोदी की नेतृत्व वाली भारत सरकार के लिए अपने क्षेत्रों को शांतिपूर्ण तरीके से सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। शांति और सुरक्षा ही किसी देश की प्राथमिक विदेश नीति होती है।
