अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पाक आर्मी चीफ जनरल सैयद असीम मुनीर अहमद शाह।
US-Pakistan Closeness: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान के साथ रिश्ते अचानक सुधर गए हैं। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप पाकिस्तान को झूठ और धोखे वाला देश कहते थे। अब वे पाक आर्मी चीफ जनरल सैयद असीम मुनीर अहमद शाह को अपना फेवरेट फील्ड मार्शल बुलाते हैं।
अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने ट्रंप से नजदीकियों के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। पाकिस्तान ने अप्रैल और मई में वॉशिंगटन की कई लॉबिंग फर्म्स के साथ 5 मिलियन डॉलर यानी 42 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट किए।
पाकिस्तान ने ट्रंप को अपने करीब लाने के लिए भारत-पाक संघर्ष रोकने का क्रेडिट दिया। इतना ही नहीं ट्रंप को नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट कर दिया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रेडिट देने से इनकार कर दिया। इससे ट्रंप काफी नाराज हो गए। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान ने 500 मिलियन डॉलर की मिनरल एक्सट्रैक्शन डील और अमेरिकी कृषि प्रोडक्ट्स के लिए मार्केट खोला।
पाकिस्तान ने जिन फर्म्स के साथ डील की है, उनमें कुछ वो लोग भी थे, जो पहले डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी रह चुके हैं। जैसे-उनके पूर्व बिजनेस पार्टनर और बॉडीगार्ड कीथ शिलर।
पाकिस्तान ने 8 अप्रैल को लॉबिंग फर्म सीडेन लॉ LLP से कॉन्ट्रैक्ट किया। उसमें वादा किया गया कि पाकिस्तान की व्हाइट हाउस में हाई लेवल पर बैठकों की व्यवस्था कराई जाएगी। फिर 24 अप्रैल को एक और करार हुआ। कुछ हफ्तों बाद पाकिस्तानी सेना आसिम मुनीर ने वॉशिंगटन का दौरा किया। उन्होंने ट्रंप से व्हाइट हाउस में निजी स्तर पर मुलाकात की।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन लॉबिंग कॉन्ट्रैक्ट्स के बाद अमेरिका का रुख पाकिस्तान के लिए नरम पड़ गया। अप्रैल में ट्रंप ने पाकिस्तान पर 29% टैरिफ लगाया था। चार महीने बाद उसे घटाकर 19% कर दिया। दूसरी ओर भारत के लिए यह 50% तक बढ़ाया गया। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का अहम साझेदार रहा है। ट्रंप के नेतृत्व में भारत-पाक संघर्ष को खत्म करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने में पाकिस्तान ने सकारात्मक भूमिका निभाई है।
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ईस्ट साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर माइकल कुगेलमैन ने कहा कि ये डॉट्स खुद कनेक्ट होते हैं। लॉबिस्ट टैरिफ पर काम करते हैं, फिर पाकिस्तान का टैरिफ कम होता है। आर्थिक सहयोग पर कॉन्ट्रैक्ट, फिर मिनरल और एनर्जी डील्स। पाक की चालाकी ने कई फैक्टर मिलाकर ये टर्नअराउंड किया। भारत ने लॉबिंग बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन पाक से तीन गुना कम खर्च किया। भारत ने अप्रैल में SHW पार्टनर्स LLC और अगस्त में मर्करी पब्लिक अफेयर्स जैसी अमेरिकी फर्मों को हायर किया, जिनसे ट्रंप के पुराने सलाहकार जुड़े हैं। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन की नीतियां पाकिस्तान के पक्ष में झुकी रहीं। इससे दोनों देशों में तनाव और बढ़ा।