60 साल पुरानी द्रविड़ राजनीति का अंत; श्रीलंका के राष्ट्रपति ने विजय को दी बधाई, मजबूत ऐतिहासिक संबंधों पर जोर

TVK Politics Tamil Nadu: नए सीएम विजय को शपथ लेने के बाद पड़ोसी देश श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा ने बधाई दी। उन्होंने नए सीएम के साथ और करीबी संबंध, मजबूत साझेदार बनकर काम करने की उत्सुकता दिखाई।
The End of 60-Year-Old Dravidian Politics; Sri Lankan President Congratulates Vijay, Emphasizes Strong Historical Ties.
अनुरा कुमारा दिसानायके (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Vijay Oath As Tamil Nadu CM: TVK प्रमुख सी जोसेफ विजय ने आज (10 मई, 2026) तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दो साल पहले ही आस्तित्व में आई पार्टी ने राज्य की प्रमुख द्रविण राजनीतिक पार्टियों को मात दी। इससे राज्य में अब द्रविण राजनीति के भविष्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। नए मुख्यमंत्री विजय को शपथ लेने के बाद पड़ोसी देश श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक्टर और टीवीके प्रमुख विजय को बधाई दी। उन्होंने नए सीएम के साथ और करीबी संबंध, मजबूत साझेदार बनकर काम करने की उत्सुकता दिखाई।

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने दी बधाई

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सी. जोसेफ विजय को हार्दिक बधाई। श्रीलंका और तमिलनाडु इतिहास, संस्कृति, उद्यम और पीढ़ियों से चले आ रहे लोगों के आपसी संबंधों से जुड़े हुए हैं। श्रीलंका और भारत अपने संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ तथा अपनी साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बना रहे हैं, हमारा भविष्य अपार आर्थिक संभावनाओं और अवसरों से भरा हुआ है।

आगे उन्होंने लिखा, मैं भारत-श्रीलंका की इस मजबूत साझेदारी के अंतर्गत, अधिक समृद्धि और प्रगति की दिशा में मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ। श्रीलंका की जनता भी मेरे साथ मिलकर आपको और तमिलनाडु की जनता को हर सफलता की कामना करती है।

6 दशकों के शासन का अंत

विजय ने रविवार को शपथ ली और इसके साथ ही राज्य में करीब 6 दशकों के डीएमके और एआईएडीएमके के शासन का अंत हुआ। जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विजय के साथ उनके नौ मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली।

पुराने सांस्कृतिक संबंध

बता दें भारत और श्रीलंका के बीच प्राचीन समय से ही कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। इसके साथ ही भारत हमेशा से पड़ोसी पहले की नीति के तहत श्रीलंका की मदद करने के लिए तैयार रहता है। वहीं तमिलनाडु और श्रीलंका में बीच एक गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव है। खासतौर से तमिल भाषा दोनों को जोड़ने वाली अहम कड़ी है। श्रीलंका में लगभग 18 फीसदी आबादी तमिल भाषा बोलती है। धार्मिक तौर पर भारत और श्रीलंका के बीच एक ऐतिहासिक और काफी गहरा संबंध है। भगवान श्रीराम के वनवास और माता सीता के हरण से संबंधित एक अहम काल दोनों देशों के बीच जुड़ाव का केंद्र है।

श्रीलंका में स्थित रामसेतु, अशोक वाटिका और सीता अम्मन मंदिर आज भी दोनों देशों के बीच जुड़ाव की वजह है। इसके अलावा, तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच व्यापारिक संबंध भी बेहद गहरे हैं, जो लगभग 2000 साल पुराना है। पुराने समय में तमिलनाडु पोर्ट कावेरीपट्टनम और नागपट्टिनम के जरिए श्रीलंका से मोती, मसाले (दालचीनी), हाथी दांत और कीमती रत्न समेत अन्य चीजें दुनिया के दूसरे हिस्सों में भेजी जाती थी।

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