बॉर्डर पर नहीं…पाक के पेट पर हमले की तैयारी में तालिबान, डर से गोदाम भरने लगा ‘भिखारिस्तान’
Pak-Afghan Tension: तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के साथ व्यापार और आवाजाही पर रोक लगाई, व्यापारियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने और दवाइयाँ अन्य देशों से आयात करने के निर्देश दिए।
- Written By: अक्षय साहू
पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच तनाव बढ़ा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Taliban Stop Business with Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते पिछले कई महीनों से तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देशों के बीच तीन बार शांति वार्ता हुई, लेकिन हर बार ये असफल रही। इस बीच अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के साथ व्यापार और आवाजाही पर रोक लगाने का आदेश दिया है। अफगानिस्तान सरकार के आर्थिक मामलों के उपप्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने इसका ऐलान किया।
बरादर देश के व्यापारियों और उद्योगपतियों को निर्देश दिया है कि वे पाकिस्तान पर निर्भर न रहें और तुरंत वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग तलाशें। बरादर ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान ने बार-बार व्यापारिक रास्ते बंद करके अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है और गैर-राजनीतिक मामलों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।
पाकिस्तान पर भरोसा न करें व्यापारी
उन्होंने कहा कि अब कोई भी समस्या आने पर व्यापारी पाकिस्तान पर भरोसा न करें और अपनी सुरक्षा व आर्थिक हितों की रक्षा खुद करें। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गरिमा, आर्थिक हित और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पाकिस्तान के साथ व्यापार न्यूनतम करना आवश्यक है। विशेष रूप से दवाओं के आयात पर जोर देते हुए बरादर ने कहा कि पाकिस्तान से आयात की जाने वाली दवाइयाँ अक्सर निम्न गुणवत्ता की होती हैं और इससे हर साल सैकड़ों मिलियन डॉलर का नुकसान होता है।
सम्बंधित ख़बरें
इंडोनेशिया में फिर फटा ज्वालामुखी, आसमान में 5,000 मीटर ऊपर तक उड़ा राख का गुबार; हाई अलर्ट जारी
स्वीडन ने PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, प्रधानमंत्री के खाते में दर्ज हुआ 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
ईरान पर एयर स्ट्राइक की तैयारी में ट्रंप? US मीडिया के दावे से हलचल तेज, अराघची बोले- सब्र का इम्तिहान न लें
सिंधु जल संधि पर भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब, हेग कोर्ट का फैसला खारिज; कहा- ‘अवैध’ है यह पूरी प्रक्रिया
इसलिए तालिबान सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी दवा आयात अन्य देशों से किए जाएँ। इसके साथ ही पाकिस्तान में पहले से व्यापार करने वाले व्यापारियों को तीन महीने की मोहलत दी गई है ताकि वे अपने लेन-देन और कारोबार समेट लें, उसके बाद कोई छूट नहीं होगी।
टीटीपी को लेकर तनाव
तालिबान का यह कदम अक्टूबर 2025 से चल रहे तनाव के बीच आया है। अक्टूबर में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर गंभीर झड़पें हुईं, जिनमें दोनों पक्षों के दर्जनों लोग मारे गए। पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अफगानिस्तान में पनाह देने का आरोप लगाते हुए सीमा बंद कर दी और ट्रांजिट ट्रेड निलंबित कर दिया, जिससे हजारों ट्रक फंसे और व्यापारियों को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ।
यह भी पढ़ें: बगराम से गाजा तक… अमेरिका बना रहा है ‘वैश्विक जाल’, हर मोर्चे पर कब्जे की तैयारी!
पाकिस्तान पर पड़ेगा सकता है बुरा असर
पाकिस्तान पहले से ही कंगाली और मंहगाई की मार झेल रहा है। ऐसे में अफगानिस्तन द्वारा इस ऐलान से पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ सकती है। पाकिस्तान अफगानिस्तान से कॉटन, कोयला,प्रोसेस्ड टैक स्टोन के अलावा बड़ी मात्रा में मूँग दालें और सब्ज़ियाँ खरीदता है।
