‘हमने उड़ाया…’, इस आतंकी संगठन ने ली इस्लामाबाद मस्जिद धमाके की जिम्मेदारी, किया सनसनीखेज दावा

Pakistan News: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी आइएस इन पाकिस्तान ने ली; यासिर ने अफगानिस्तान में ट्रेनिंग ली, 50 से अधिक मरे और 200 घायल।
IS Pakistan Islamabad Attack Responsibility
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान ने ली इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट की जिम्मेदारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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IS Pakistan Islamabad Attack Responsibility: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़े एक स्थानीय संगठन, इस्लामिक स्टेट इन पाकिस्तान ने ली है। हमले के संबंध में जारी बयान में कहा गया कि आत्मघाती हमलावर मस्जिद के दरवाजे तक पहुंचा, जहां सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की।

इस्लामिक स्टेट इन पाकिस्तान ने बताया कि इसके बाद सुरक्षा गार्डों द्वारा गेट पर रोके जाने के बाद हमलावर ने उनपर गोलियां चलाईं और फिर मस्जिद के अंदरूनी गेट तक पहुंचकर खुद को विस्फोटक जैकेट से उड़ा लिया। इस हमले में 69 से अधिक लोग मारे गए और करीब 200 लोग घायल हो गए।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई जनाजे की नमाज

शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिद में मृतकों के जनाजे की नमाज अदा की गई। इस बीच, आइएस ने शिया समुदाय के खिलाफ अपने बयान में गंभीर धमकी दी है। पाकिस्तान पुलिस ने हमले में शामिल दो पुरुषों और एक महिला को खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों पुरुष आत्मघाती हमलावर के भाई थे, और उनकी पूछताछ जारी है। आत्मघाती हमलावर की पहचान यासिर के रूप में हुई है, जो पेशावर का रहने वाला था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यासिर ने अफगानिस्तान में पांच महीने तक प्रशिक्षण लिया था, जहां उसे हथियार चलाने और आत्मघाती हमलों की ट्रेनिंग दी गई थी। अब सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क, फंडिंग और सीमापार संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।

ख्वाजा आसिफ ने भारत पर लगाए थे आरोप

इस हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सीधे तौर पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हमला करने वाला आतंकी अफगानिस्तान से आया था और वहां की सरकार आतंकवादियों को पनाह दे रही है। ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि सुरक्षा गार्डों ने हमलावर को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह गोलीबारी करते हुए नमाजियों की आखिरी कतार में खुद को उड़ा लिया।

मंत्री ने इस हमले के लिए अब तालिबान से बातचीत के बजाय कड़ी कार्रवाई की बात की और बिना किसी ठोस प्रमाण के भारत और अफगानिस्तान की मिलीभगत का आरोप भी लगाया। हालांकि इन आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालाय ने बयान जारी कर इसकी आलोचना की। साथ ही कहा कि पाकिस्तान को अपने आंतरिक मामलों के लिए दूसरों पर आरोप लगाना बंद करना चाहिए। 

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