राजनीति नहीं पैसों के चक्कर में हुई हादी की हत्या! आरोपी ने वीडियो डालकर किया बड़ा खुलासा

Osman Hadi Murder Case: फैसल करीम मसूद ने दावा किया कि वह दुबई में है और शरीफ उस्मान हादी की हत्या से उसका कोई संबंध नहीं। उसने पुलिस के आरोपों और भारत भागने की खबरों को खारिज किया।
Osman Hadi Killer Video
फैसल करीम मसूद, उस्मान हादी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Osman Hadi Killer Video: बांग्लादेश में कट्टर भारत-विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या मामले में मुख्य संदिग्ध माने जा रहे फैसल करीम मसूद ने 24 घंटे के भीतर दूसरा सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो जारी कर अपनी बेगुनाही दोहराई है। वीडियो में मसूद ने दावा किया कि वह इस समय दुबई में है और हत्या से उसका कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेशी पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। मसूद ने ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उस आरोप को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि हत्या के बाद वह हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत भाग गया। उसने स्पष्ट किया कि उसने कभी भारत में प्रवेश नहीं किया और पुलिस का यह दावा पूरी तरह गलत है। मसूद के अनुसार, उसकी हादी से पहचान सरकारी और आईटी ठेके हासिल करने के सिलसिले में हुई थी। उसने बताया कि उसने मुहम्मद यूनुस के सरकारी नेटवर्क में पैरवी के लिए हादी को पांच लाख टका दिए थे।

हादी को दिए थे पांच लाख टका

वीडियो में मसूद ने बताया कि उसने उस्मान हादी से नौकरी और कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में मदद के लिए बातचीत की थी। हादी ने भरोसा दिलाया और बदले में पांच लाख टका मांगे, जो मसूद ने दे दिए। इसके बाद उनके बीच राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े संपर्क बढ़े और हादी ने उसे अंतरिम सरकार से जुड़े कार्यक्रमों के लिए स्वयंसेवक जुटाने में सहयोग करने के लिए कहा। मसूद का कहना था कि उनके बीच किसी तरह का विवाद कभी नहीं था।

यह दूसरा वीडियो ऐसे समय आया है जब पहले जारी संदेश में मसूद ने आरोप लगाया था कि हादी की हत्या जमात-शिबिर से जुड़े लोगों ने की थी। उसने कहा कि उसे और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।

छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे हादी

शरीफ उस्मान हादी जुलाई 2024 के बांग्लादेश छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे। वे छात्र संगठन इंकलाब मंच के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता के रूप में जाने जाते थे। वे फरवरी 12, 2025 को होने वाले आम चुनावों में ढाका के बिजयनगर क्षेत्र से उम्मीदवार के रूप में भी चुनावी मुहिम चला रहे थे।

हादी पर ढाका में एक मस्जिद से निकलते समय नकाबपोश हमलावरों ने गोलीबारी की थी। गंभीर रूप से घायल हादी को सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। उनकी हत्या के बाद बांग्लादेश में व्यापक हिंसा और अशांति फैली। कई इलाकों में विरोध-प्रदर्शन हुए।

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