'पत्नी को मारा, लेकिन हत्या नहीं...', ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट में भारतीय शख्स का अजीब दावा, जानें पूरा मामला

Supriya Thakur Case: एडिलेड में भारतीय मूल के विक्रांत ठाकुर ने पत्नी सुप्रिया की मौत की जिम्मेदारी स्वीकार की, हत्या से इनकार किया, मैनस्लॉटर का दोष माना और जांच जारी है।
Supriya Thakur Murder Case
मृतक सुप्रिया ठाकुर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Supriya Thakur Murder Case: ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में भारतीय मूल के 42 वर्षीय विक्रांत ठाकुर अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की मौत के मामले में एक बार फिर अदालत में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने यह स्वीकार किया कि उनकी वजह से उनकी पत्नी की जान गई, लेकिन उन्होंने हत्या (मर्डर) के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। 

अदालत में विक्रांत ठाकुर ने कहा, “मैं मैनस्लॉटर (गैर-इरादतन हत्या) का दोष स्वीकार करता हूं, लेकिन मर्डर का नहीं।” यह दलील उन्होंने अपने वकील की सलाह पर दी। यह मामला 21 दिसंबर का है, जब एडिलेड के उत्तरी उपनगर में स्थित एक घर से पुलिस को आपातकालीन कॉल की गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने 36 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर को बेहोशी की हालत में पाया।

हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार

एडिलेड पुलिस ने बताया कि उनहोंने तुरंत सुप्रिया को  CPR देने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सुप्रिया को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में इसे घरेलू विवाद से जुड़ा मामला बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से ही विक्रांत ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन यानी 22 दिसंबर को विक्रांत को पहली बार अदालत में पेश किया गया। इस सुनवाई के दौरान उन्होंने जमानत के लिए कोई आवेदन नहीं किया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए 16 हफ्तों का समय मांगा था। अभियोजन ने बताया कि उन्हें डीएनए रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक सबूतों का इंतजार है, जो मामले के लिए अहम होंगे। अदालत ने यह मांग स्वीकार कर ली और अगली सुनवाई की तारीख अप्रैल तय की गई।

बेटे के भविष्य के लिए सामने आए लोग

इस बीच, सुप्रिया ठाकुर के दोस्तों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने उनके बेटे के लिए एक फंडरेजर शुरू किया है। GoFundMe पेज पर बताया गया है कि सुप्रिया एक बेहद समर्पित मां थीं और अपने बेटे के सुरक्षित भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करती थीं।

वह अक्सर लंबे समय तक काम करती थीं और उनका सपना एक रजिस्टर्ड नर्स बनने का था। सुप्रिया की अचानक हुई मौत ने उनके बेटे की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। अब वह अपनी मां के बिना इस दुनिया में अकेला रह गया है, और समुदाय उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आगे आ रहा है।

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