ईरान की अमेरिका को दोटूक चेतावनी… फारस की खाड़ी के शार्कों का खाना बनेंगे अमेरिकी सैनिक

Iran Ground Threat: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह जमीनी हमला करता है, तो उसके सैनिक खाड़ी के शार्कों का भोजन बनेंगे और उन्हें अपमानजनक हार व कैद का सामना करना पड़ेगा।
Iran Warns US: Soldiers Will Become Shark Food in the Persian Gulf if Ground Attack Happens
ईरान की अमेरिका को चेतावनी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Threat Of Ground Military Operation: मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के चलते तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान के खिलाफ जमीनी सैन्य अभियान की तैयारियों के बीच तेहरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। जमीनी सैन्य अभियान के खतरे को देखते हुए ईरानी सेना ने अपनी मिसाइलें और गोलाबारी पूरी तरह से तैयार कर ली है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी कीमत पर अपनी संप्रभुता के साथ समझौता नहीं करेगा।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की चेतावनी

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फागारी ने राष्ट्रपति ट्रंप को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान में घुसने या खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश करता है, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। अमेरिकी सैनिकों को वहां न केवल हार मिलेगी बल्कि उन्हें कैद और अंग-भंग का भी सामना करना पड़ेगा।

शार्कों का खाना और अपमानजनक हार

जनरल जोल्फागारी ने एक कड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिक फारस की खाड़ी में रहने वाली शार्कों के लिए बहुत अच्छी खुराक साबित होंगे। इस्लाम के योद्धा लंबे समय से ऐसे किसी भी आक्रामक कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि करारा जवाब दिया जा सके। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को लगातार बढ़ा रहा है।

ट्रंप पर ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप

ईरानी प्रवक्ता ने डोनाल्ड ट्रंप पर निजी हमले करते हुए दावा किया कि वे जेफ्री एपस्टीन मामले में फंसे होने के कारण ब्लैकमेल हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद उन्हें ब्लैकमेल कर रही है और वे इजरायली प्रधानमंत्री के इशारों पर काम कर रहे हैं। जोल्फागारी ने ट्रंप को दुनिया का सबसे बेईमान राष्ट्रपति और उनकी नीतियों को पूरी तरह से अव्यवहारिक बताया है।

संसद अध्यक्ष का आक्रामक रुख

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने भी रविवार को अमेरिका को जलकर राख हो जाने की कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेनाएं केवल आदेश का इंतजार कर रही हैं ताकि जमीन पर उतरने वाले विदेशी सैनिकों को खत्म किया जा सके। कालिबफ के अनुसार ईरान की मिसाइलें तैनात हैं और उनके सैनिकों का संकल्प अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है।

शांति प्रस्ताव को किया खारिज

पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका द्वारा भेजे गए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को ईरान ने 'ट्रंप प्रशासन की इच्छाएं' बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया। कालिबफ ने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करता रहेगा, तब तक बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। ईरान का मानना है कि वह अपमान स्वीकार करने के बजाय युद्ध के मैदान में लड़ना ज्यादा पसंद करेगा।

खर्ग द्वीप की सुरक्षा और रणनीति

ईरान ने अपने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप के चारों ओर समुद्री माइन्स बिछा दी हैं और लाखों सैनिकों को सीमा पर तैनात किया है। यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए ईरानी सेना ने विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया है। अमेरिका के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए ईरानी नौसेना खाड़ी में निरंतर गश्त लगा रही है।

क्षेत्रीय सहयोगियों को सजा देने की तैयारी

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो न केवल अमेरिकी सैनिक बल्कि क्षेत्र में उनके सहयोगी देश भी भारी परिणाम भुगतेंगे। कालिबफ ने स्पष्ट किया कि ईरानी गोलाबारी जारी है और वे हमलावरों के साथ-साथ उनके मददगारों को भी कड़ा सबक सिखाएंगे। यह युद्ध अब केवल दो देशों के बीच नहीं बल्कि पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए खतरा बन गया है।

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