श्रीलंका ने फिर दिखाई दादागिरी; तीन और भारतीय मछुआरे गिरफ्तार, रामेश्वरम में बढ़ा तनाव

Sri Lanka Arrests: श्रीलंकाई नेवी ने रामेश्वरम के तीन मछुआरों को गिरफ्तार कर उनका ट्रॉलर जब्त कर लिया है। पिछले 15 दिनों में यह तीसरी घटना है, जिससे तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी गुस्सा और तनाव है।
Sri Lankan Navy Arrests 3 Indian Fishermen Near Delft Island; Rameswaram Tensions Rise
भारतीय मछुआरे गिरफ्तार (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Rameswaram Fishermen Detained By Sri Lankan Navy: पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में भारतीय मछुआरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार सुबह श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के तीन मछुआरों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान मछुआरों के ट्रॉलर को भी जब्त कर लिया गया, जिससे रामेश्वरम के मछुआरा समुदाय में गहरा आक्रोश और चिंता व्याप्त है। बार-बार होने वाली इन गिरफ्तारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच कूटनीतिक चर्चाओं और मछुआरों की आजीविका के स्थायी समाधान की मांग को फिर से तेज कर दिया है।

समुद्र में गिरफ्तारी का घटनाक्रम

रामेश्वरम मत्स्य विभाग के अनुसार गिरफ्तार मछुआरों की पहचान रूबन, नागराजन और प्रभु के रूप में हुई है जो सोमवार रात हार्बर से रवाना हुए थे। नेदुनथीवु के पास मछली पकड़ने के दौरान श्रीलंकाई नौसेना की पेट्रोलिंग टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया और ट्रॉलर को जब्त कर लिया। पकड़े गए मछुआरों और उनके जहाज को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उत्तरी श्रीलंका के कराईनगर नेवल बेस ले जाया गया है।

मछुआरा परिवारों में बढ़ता खौफ

सोमवार को अधिकारियों द्वारा 415 फिशिंग टोकन जारी किए गए थे जिसके आधार पर सैकड़ों मछुआरे अपनी नावों के साथ गहरे समुद्र में उतरे थे। मंगलवार शाम तक अधिकांश नावों की वापसी होनी थी लेकिन तीन साथियों की गिरफ्तारी की खबर ने तट पर इंतजार कर रहे परिवारों को डरा दिया है। यह अनिश्चितता न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है बल्कि मछुआरा बस्तियों में मानसिक तनाव और भविष्य को लेकर असुरक्षा का माहौल बना रही है।

दो हफ्तों में तीसरी बड़ी घटना

मछुआरा संघ के नेता वी.पी. जेसु राजा ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले 15 दिनों में यह ऐसी तीसरी घटना है। इस छोटी सी अवधि में कुल 13 मछुआरों को जेल भेजा जा चुका है और उनके तीन कीमती ट्रॉलर अब भी श्रीलंका के कब्जे में हैं। बार-बार होने वाली इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि उच्च स्तरीय वार्ताओं के बावजूद जमीनी स्तर पर मछुआरों के लिए कोई राहत नहीं मिल पा रही है।

आर्थिक बोझ और भारी जुर्माना

श्रीलंकाई अदालतों द्वारा भारतीय मछुआरों पर लगाए जा रहे भारी जुर्माने ने इस गरीब समुदाय की कमर तोड़कर रख दी है जिससे कर्ज का बोझ बढ़ गया है। कई मछुआरों को अपनी रिहाई के लिए लाखों रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है जो उनकी सालाना कमाई से भी कहीं अधिक है। जब्त की गई नावों के वापस न मिलने के कारण कई मालिक पूरी तरह बेरोजगार हो गए हैं और उनके परिवारों के सामने भुखमरी का संकट पैदा हो गया है।

स्थायी समाधान की जोरदार मांग

मछुआरा प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और श्रीलंका सरकार के साथ द्विपक्षीय बातचीत कर एक स्थायी सीमा तंत्र बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक पाक स्ट्रेट क्षेत्र में मछली पकड़ने के पारंपरिक अधिकारों पर स्पष्ट नीति नहीं बनती, तब तक यह टकराव जारी रहेगा। समुदाय ने मांग की है कि हिरासत में लिए गए तीनों मछुआरों और उनके ट्रॉलर को बिना किसी जुर्माने के तुरंत भारत वापस लाया जाए।