

Spain Migrants Ceuta: यूरोप के देश स्पेन में इस समय युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र सेउटा में मोरक्को से लगभग 60,000 अवैध प्रवासियों की भारी भीड़ ने अचानक घुसपैठ कर दी है।
समुद्र के रास्ते तैरकर और छोटी नावों के जरिए आए इन प्रवासियों ने सेउटा की सड़कों पर जमकर उत्पाद मचाया है, जिससे समूचे यूरोप में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस दौरान हुई हिंसा, भगदड़ और समुद्र में डूबने की घटनाओं में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस संकट के पीछे स्पेन की सुप्रीम कोर्ट का एक हालिया कानूनी फैसला मुख्य कारण बताया जा रहा है। दरअसल, कोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि समुद्र के रास्ते स्पेन की सीमा में प्रवेश करने वाले प्रवासियों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता।
इस कानूनी खामी का फायदा उठाकर हजारों की संख्या में युवा और बच्चे समुद्र के रास्ते सेउटा और मेलिला के तटों पर पहुंच गए। सेउटा के राष्ट्रपति जुआन जीसस विवा्स ने इसे एक बड़ा 'मानवीय और सामाजिक आपातकाल' घोषित किया है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सेउटा की सड़कों पर अराजकता का माहौल है। भूख से बेहाल प्रवासियों की भीड़ जबरन लोगों के घरों और दुकानों में घुस रही है। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और इमारतों की खिड़कियां तोड़कर अंदर दाखिल होने की कोशिश की।
स्थिति को संभालने के लिए स्पेन सरकार ने सेना और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए हैं, लेकिन भीड़ इतनी अधिक है कि सुरक्षाकर्मी खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं।
स्पेन के इस संकट ने पड़ोसी यूरोपीय देशों की भी नींद उड़ा दी है। चूंकि स्पेन यूरोपीय संघ का हिस्सा है, इसलिए वहां से प्रवासियों के अन्य देशों में फैलने का खतरा बढ़ गया है। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने इसे यूरोप की सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा बताया है और संकेत दिए हैं कि इटली खुली सीमाओं वाले शेंगेन समझौते को निलंबित कर सकता है।
वहीं, फ्रांस ने भी स्पेन के साथ लगने वाली अपनी सीमाओं पर सुरक्षा और नियंत्रण बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा है कि सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और त्वरित प्रतिक्रिया दी जा रही है। अब तक करीब आधे प्रवासियों को वापस भेजने का दावा किया गया है, लेकिन सेउटा और मेलिला में तनाव अभी भी चरम पर है।