

सर्वे में ट्रंप के 25% दक्षिण एशियाई समर्थकों ने डेमोक्रेट्स का समर्थन करने की बात कही
65% प्रतिभागियों ने बढ़ती महंगाई और रहने के खर्च को प्रमुख मुद्दा बताया
करीब 90% मतदाताओं ने खुद या परिचितों के साथ भेदभाव का अनुभव बताया
South Asian American Voters Midterm Elections: अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले एक सर्वे में दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाताओं के रुझान को लेकर अहम संकेत मिले हैं। एडवोकेसी ग्रुप इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट के सर्वे के मुताबिक, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले कम से कम 25% दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाता आगामी चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने की योजना बना रहे हैं।
सर्वे में शामिल मतदाताओं ने रहने के बढ़ते खर्च को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। करीब 65% लोगों ने इसे अपनी प्राथमिकता में रखा। वहीं, 53% ने स्वास्थ्य सेवाओं, 33% ने नौकरियों और वेतन तथा 28% ने शिक्षा को अहम मुद्दा माना। इस सर्वे में 800 पंजीकृत दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाताओं को शामिल किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में 87% भारतीय-अमेरिकी थे, जबकि बाकी 13% में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, नेपाली, भूटानी, मालदीवियन, अफगान, खमेर और बर्मी समुदायों के लोग शामिल थे। डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसी नीतियों का समर्थन कर रहे हैं जिनसे सबसे अधिक नुकसान भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को होने की संभावना है। सर्वे की माने तो भारतीय-अमेरिकियों का भरोसा ट्रंप उठता नजर आ रहा है।
सर्वे के अनुसार, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस को वोट देने वाले 96% प्रतिभागियों ने कहा कि वे आगामी चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। दूसरी ओर, ट्रंप को वोट देने वाले 67% दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाताओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन जारी रखने की बात कही। हालांकि, 25% ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की योजना जताई।
ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं, जब टेक्सास समेत कई राज्यों में अर्ली वोटिंग शुरू हो चुकी है। टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टैलारिको का मुकाबला रिपब्लिकन केन पैक्सटन से है, जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त है।
सर्वे में दक्षिण एशियाई समुदाय के बीच भेदभाव को लेकर चिंता भी सामने आई। करीब 90% पंजीकृत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने खुद भेदभाव का अनुभव किया है या किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, जिसने इसका सामना किया है। वहीं, 48% ने व्यक्तिगत रूप से भेदभाव झेलने की बात कही।
इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने कहा कि ट्रंप को 2024 में वोट देने वाले समुदाय के एक चौथाई लोगों का डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की ओर रुख करना अप्रत्याशित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह समुदाय चुनावों में निर्णायक अंतर पैदा कर सकता है।
मिशिगन में करीब 1.87 लाख दक्षिण एशियाई लोग रहते हैं। 2022 में लगभग 30 हजार पंजीकृत दक्षिण एशियाई मतदाताओं ने मतदान नहीं किया था। यह संख्या राज्य में 2024 के सीनेट चुनाव के लगभग 19 हजार वोटों के अंतर से अधिक है। वहीं, टेक्सास में 7 लाख से ज्यादा दक्षिण एशियाई आबादी है। इनमें करीब एक लाख पंजीकृत मतदाताओं ने 2022 के चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था। ऐसे में अगर ये वोटर्स डेमोक्रेट्स को वोट देते हैं तो यह ट्रंप के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। -एजेंसी इनपुट के साथ