

Sheikh Hasina Bangladesh Return Plan: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने स्वदेश लौटने का इरादा जताया है। ब्रिटेन के थिंक टैंक 'ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस' की प्रेस वार्ता में वे वर्चुअली जुड़ीं। वार्ता दौरान पूर्व पीएम ने कहा कि वे इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का पक्का इरादा रखती हैं।
उन्होंने बताया कि उनका पासपोर्ट सील कर दिया गया है पर सही समय पर वे वापसी योजना का खुलासा करेंगी। 79 वर्षीय पूर्व पीएम हसीना ने कहा कि वे देश लौटकर सभी कानूनी परिणामों का सामना करने को तैयार हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2024 में प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था।
प्रेस वार्ता में जब शेख हसीना से दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की योजना पर सवाल पूछा गया। तो उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे वापस जाने का इरादा रखती हैं और योजना पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका पासपोर्ट सील है, फिर भी सही वक्त आने पर वे वापसी का समय बताएंगी।
पूर्व पीएम ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश लौटने का फैसला उनके देश व नागरिकों से जुड़ा हुआ है। बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कई गंभीर कानूनी मामले और मुकदमे लंबित चल रहे हैं। इनमें से एक मामले में अदालत द्वारा उन्हें मृत्युदंड की सजा भी सुनाई जा चुकी है।
हसीना ने अदालती फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार देते हुए पूरी तरह खारिज किया था। उन्होंने कहा कि वे अपनी मातृभूमि लौटकर सभी कानूनी परिणामों का सामना करने को तैयार हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब निर्वासित जीवन बिता रहीं शेख हसीना ने देश लौटने की इच्छा जताई है। इससे पहले 5 अगस्त को दक्षिण एशिया फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब के कार्यक्रम में वे जुड़ी थीं।
उस समय उनके साथ बेटे साजीब वाजेद जॉय व पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल मौजूद थे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि गिरफ्तार होने या जेल जाने का डर उन्हें कर्तव्य से नहीं रोक सकता। इससे पूर्व जुलाई में रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में भी हसीना ने योजना बताई थी।
उन्होंने कहा था कि वे दिसंबर में पार्टी सहयोगियों के साथ बांग्लादेश लौटकर आत्मसमर्पण करेंगी। हसीना ने कहा था कि जब देशवासी कष्ट झेल रहे हों तो वे चुपचाप नहीं बैठ सकती हैं। उन्होंने मांग उठाई थी कि उनकी पार्टी अवामी लीग पर लगा प्रतिबंध तुरंत हटाया जाना चाहिए।
5 अगस्त के एफसीसी कार्यक्रम दौरान शेख हसीना ने अवामी लीग के अधिकारों की वकालत की। उन्होंने कहा कि अवामी लीग पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल हो सके।
वहीं उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय ने बताया कि मौजूदा सरकार ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। अवामी लीग के नेता अपने स्तर पर भविष्य की राजनीतिक दिशा व रणनीति तैयार कर रहे हैं। 79 वर्षीय शेख हसीना को वर्ष 2024 में प्रदर्शनों के बाद सत्ता छोड़कर देश से निकलना पड़ा था।
उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद हसीना लगातार अपनी वापसी को लेकर प्रतिबद्धता जता रही हैं। अब पूरी दुनिया और बांग्लादेश के नागरिकों की नजरें उनकी संभावित वापसी पर टिकी हैं।