दो दशक बाद US ने इराक से समेटा बोरिया बिस्तर, अमेरिकी सैनिकों ने छोड़ा बगदाद, कल मनाया जाएगा जश्न

US Ends Iraq Military Mission: अमेरिका ने दो दशक बाद इराक से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया है। गठबंधन सेना के हटने के बाद इराक 1 अक्टूबर को 'संप्रभुता दिवस' के रूप में मनाएगा।
US Troops Withdraw From Iraq
अमेरिकी सेना इराक से वापस लौटी(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

US Troops Withdraw From Iraq: मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अभी भी जारी है। इसी बीच अमेरिका ने एक बड़ा फैसला करते हुए इराक से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिए हैं। दो दशक बाद अमेरिका ने इराक से बाहर निकलने का फैसला किया है। गठबंधन ने देश को चरमपंथी समूहों से बचाने में मदद की, हालांकि क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया।

अमेरिका ने साल 2003 में इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन पर विनाशकारी हथियार बनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद अमेरिका ने ब्रिटेन, कनाडा और फ्रांस जैसे नाटो देशों के साथ मिलकर इराक पर हमला बोला था। इराक और अमेरिका के सहयोगी देशों की सेनाओं के बीच करीब तीन साल तक युद्ध चला, जो 30 दिसंबर 2006 को सद्दाम हुसैन को फांसी पर चढ़ाए जाने के बाद खत्म हुआ था। 

अमेरिका को इराक में नहीं मिला कोई हथियार 

सद्दाम हुसैन की मौत के बाद अमेरिकी सेना ने इसके महल से लेकर हर ठिकाने की जांच की थी, लेकिन उन्हें कहीं भी कोई विनाशकारी हथियार नहीं मिला था। सद्दाम की मौत के बाद इराक में अराजकता चरम पर आ गई थी। इसके चलते अमेरिकी सेना ने यह सैन्य बेस बनाने का फैसला करते हुए अपने सैनिकों को तैनात किया था। एक समय में इराक में डेढ़ लाख अमेरिकी सैनिक तैनात थे। 

इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गए थे इराकी सैनिक

हालांकि, अमेरिका ने इराक पर सद्दाम हुसैन की सत्ता को खत्म करने के साथ एक बड़ी गलती की थी। अमेरिका का मानना था कि इराक सेना के जवान सद्दाम के प्रति वफादार हैं, इसलिए अमेरिकी प्रशासन ने इराक की सेना को ही भंग कर दिया था। इस एक फैसले से इराकी सेना के करीब 3.5 लाख सैनिक बेरोजगार हो गए थे। वे बाद में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) और दूसरे आतंकी समूहों में शामिल हो गए थे। जिन्होंने न सिर्फ इराक बल्कि क्षेत्र के दूसरे देशों पर भी आतंकी हमले किए थे। 

इसके बाद 2014 में इस्लामिक स्टेट (IS) समूह से लड़ने के लिए गठबंधन की सेनाओं को इराक और सीरिया भेजा गया था। इस्लामिक स्टेट ने दोनों देशों के बड़े इलाकों को अपने कब्जे में रखा था। आईएस को 2017 में इराक में और 2019 में सीरिया में हरा दिया गया था, लेकिन गठबंधन की सेनाएं समूह के बचे-खुचे लोगों से लड़ने के लिए वहां बनी रहीं।

2024 में बाइडेन ने किया था समझौता

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2024 में अपने कार्यकाल में बगदाद से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर समझौता किया था। इसके तहत दोनों देश गठबंधन के मिशन को धीरे-धीरे खत्म करने पर सहमत हुए थे। इसी के तहत अमेरिकी सेना ने 30 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर इराक छोड़ दिया।

1 अक्टूबर को मनाया जाएगा संप्रभुता दिवस

इराक की सरकार का मानना ​​है कि गठबंधन के हटने से ताकतवर चरमपंथी गुटों के पास अपने हथियार बनाए रखने का बहाना खत्म हो जाएगा। इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने घोषणा की कि गठबंधन के जाने के अगले दिन, यानी 1 अक्टूबर को 'संप्रभुता दिवस' मनाया जाएगा।

सोमवार को कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के प्रमुखों ने कहा कि यह एक राष्ट्रीय अवसर है जो संप्रभुता की ओर इराक के सफर के पूरा होने की पुष्टि करता है और राज्य व उसके संस्थानों की मौजूदगी को मजबूत करता है।

US Troops Withdraw From Iraq
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट ने भेजा हाईजैक अलर्ट, सऊदी अरब में हुई डायवर्ट, नेतन्याहू ने बुलाई बैठक

इसी साल प्रधानमंत्री बने थे जैदी 

जैदी इस साल सत्ता पर काबिज हुए थे। उनकी सरकार विभिन्न गुटों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित करती रही है। उनकी सरकार ने शुरू में गुटों के हथियार छोड़ने के लिए 30 सितंबर की समय-सीमा तय की थी, लेकिन बाद में इसे हटा लिया क्योंकि हथियारों को ‘रेगुलेट’ करने पर बातचीत जारी थी। कई ताकतवर गुटों के हथियार छोड़ने से इनकार करने के बाद, वरिष्ठ राजनेताओं ने दखल दिया है और अब वे किसी समझौते पर पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com