

Saudi Weather News: सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का और आसपास के इलाकों में इस हफ्ते भारी बारिश और तूफानी मौसम ने तबाही मचा दी है। मंगलवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़कों पर कीचड़ और पानी का सैलाब उमड़ पड़ा है।
तेज धाराओं में कई वाहन बहते नजर आ रहे हैं और लोग जान बचाने के लिए ऊंची जगहों की ओर भाग रहे हैं। बारिश इतनी तेज थी कि सड़कों पर गाड़ियां बहने लगीं और कुछ मुख्य हाईवे नदी जैसी धाराओं में तब्दील हो गए। कई लोग अपने वाहनों को बीच सड़क पर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए। मक्का और जेद्दा के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति और इंटरनेट सेवा पर भी असर पड़ा है।
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में भी तूफानी बारिश जारी है। सऊदी मौसम विभाग (NCM) ने चेतावनी दी है कि यह बारिश गुरुवार तक जारी रहेगी और वीकेंड तक इसकी तीव्रता और बढ़ सकती है।
तटीय शहरों जैसे मक्का, जेद्दा और मदीना में मौसम सबसे ज्यादा खराब बताया जा रहा है। बुधवार रात को कुछ इलाकों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और समुद्र में 2 से ढाई मीटर ऊंची लहरें उठीं। मौसम विभाग ने जजान, असीर, अल-बाहा और मक्का क्षेत्रों के लिए भारी बारिश, ओलों और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
कई जगहों पर सड़कों पर पानी झरने की तरह बहता देखा गया। फुटपाथ और अंडरपास जलमग्न हो गए। कस्सिम क्षेत्र में हालात सबसे गंभीर बताए जा रहे हैं। वहां लोग पानी में घुटनों तक डूबकर चलने को मजबूर हुए। कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को घरों में ही कैद रहना पड़ा।
पिछले साल भी सऊदी अरब और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में ऐसी ही भारी बारिश और बाढ़ आई थी, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। इस बार भी प्रशासन ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
इस बीच, किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने पूरे देश में सलातुल इस्तिस्का (Istisqa Prayer) यानी बारिश की दुआ वाली नमाज अदा करने का आदेश दिया है। यह नमाज 12 नवंबर को पूरे सऊदी अरब में अदा की जाएगी। यह परंपरा पहले भी कई बार अपनाई जा चुकी है, जब देश में सूखा या मौसम से जुड़ी कठिनाइयां आई हों।