विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमालिया और लीबिया के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात, व्यापार और ऊर्जा पर हुई चर्चा

Indo-African Relations: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमालिया और लीबिया के अपने समकक्षों से मुलाकात की। व्यापार, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय शांति पर विस्तृत चर्चा हुई।
Jaishankar Meets Somalia and Libya Foreign Ministers to Strengthen Trade and Energy Ties
विदेश मंत्री एस. जयशंकर, सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अली और लीबिया के विदेश मंत्री एल्ताहर एस एम एल्बाउर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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India-Africa strategic partnership talks: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में सोमालिया और लीबिया के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में भारत की वैश्विक भागीदारी को और अधिक मजबूत करना है।

सोमालिया के साथ संवाद

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अली के साथ व्यापार और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी बातचीत की। बैठक के दौरान दोनों देशों ने स्वास्थ्य, कांसुलर सेवाओं और क्षमता निर्माण में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। विदेश मंत्री ने X पर साझा किया कि सोमालिया के साथ यह चर्चा बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अफ्रीका में बढ़ती कूटनीति

यह मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित की गई, जो हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रिय कूटनीति का एक मुख्य हिस्सा है। सोमालिया के विदेश मंत्री वर्तमान में भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं जहां वे विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार यह बैठक भारत और सोमालिया के बीच मजबूत होते ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

लीबिया के साथ रणनीतिक चर्चा

सोमालिया के अलावा जयशंकर ने लीबिया के विदेश मंत्री एल्ताहर एस एम एल्बाउर के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस वार्ता के दौरान व्यापार, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर गहन विचार-विमर्श हुआ। लीबिया के विदेश मंत्री ने भारत को अपने देश की वर्तमान स्थिति और वहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक

नई दिल्ली में दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक (IAFMM) का आयोजन हो रहा है जिसमें कई देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। लीबिया के विदेश मंत्री का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह भागीदारी द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति लाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान जयशंकर विभिन्न देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग मुलाकातें कर क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

शांति और कूटनीति की वकालत

जयशंकर ने लीबिया के संदर्भ में क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। भारत हमेशा से अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक रास्तों और शांतिपूर्ण संवाद का प्रमुख समर्थक रहा है। लीबियाई समकक्ष के साथ हुई यह बैठक न केवल व्यापार बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भविष्य की संभावनाएं

भारत और अफ्रीकी देशों के बीच यह बढ़ता जुड़ाव आने वाले समय में आर्थिक और सामाजिक विकास के नए द्वार खोलने वाला है। शिक्षा और क्षमता निर्माण में भारत की विशेषज्ञता सोमालिया जैसे देशों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नई दिल्ली में हो रही ये बैठकें भारत की 'ग्लोबल साउथ' के नेतृत्वकर्ता के रूप में बढ़ती भूमिका को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती हैं।

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