खत्म होने जा रहा रूस-यूक्रेन युद्ध! पुतिन ने सुबह तीन बजे तक की ट्रंप के दूतों से मीटिंग, हलचल तेज

Russia-Ukraine War: यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए मॉस्को में रूस-अमेरिका बैठक हुई। ट्रंप-दावोस में जेलेंस्की से मिले। UAE में त्रिपक्षीय वार्ता और शांति प्रयास तेज, बहुपक्षीय स्वरूप सामने आया।
Putin-US delegation Meeting
अमेरिकी दूतों के साथ व्लादिमीर पुतिन की अहम बैठक (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Putin-US delegation Meeting: यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रूस की राजधानी मॉस्को में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच तीन घंटे से लंबी बैठक हुई। क्रेमलिन ने बताया कि बातचीत देर रात शुरू होकर शुक्रवार सुबह तीन बजे के बाद समाप्त हुई। अमेरिकी टीम में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, उनके दामाद जेरेड कुशनर और फेडरल एक्विजिशन सर्विस के कमिश्नर जोश ग्रुएनबाम शामिल थे। 

रूसी पक्ष से व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूस के सॉवरेन वेल्थ फंड के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव मौजूद रहे। बैठक के बाद किरिल दिमित्रिएव ने इसे ‘महत्वपूर्ण चर्चा’ बताया। इससे पहले दिसंबर में भी दोनों पक्षों के बीच पांच घंटे लंबी बातचीत हुई थी, जो संकेत देती है कि यूक्रेन युद्ध पर बैकडोर डिप्लोमेसी तेज हो चुकी है।

ट्रंप ने जेलेंस्की के साथ ही अहम बैठक

इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से दावोस में मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह युद्ध को खत्म करना चाहते हैं और इसे केवल आर्थिक मामला नहीं मानते। उन्होंने जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा कि यूक्रेन पर 350 अरब डॉलर खर्च किए गए हैं और हर महीने 25–30 हजार सैनिक मारे जा रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि दशकों पुराने युद्ध कुछ ही दिनों में समाप्त कराए जा सकते हैं, लेकिन यूक्रेन का संघर्ष अधिक जटिल है। जेलेंस्की ने बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि वे नए एयर डिफेंस पैकेज के समझौते लेकर लौट रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने माना कि युद्ध खत्म होने में अभी समय लगेगा।

UAE में होगी त्रिपक्षीय बैठक

एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम है कि यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जा रहा है, जहां रूस और अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ त्रिपक्षीय बैठक होगी। इससे यह संकेत मिलता है कि शांति वार्ता अब दो देशों तक सीमित नहीं है और इसे बहुपक्षीय रूप दिया जा रहा है।

दावोस में अपने भाषण में जेलेंस्की ने यूरोप पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूरोप भविष्य की बातों में उलझा है, लेकिन आज जरूरी निर्णय लेने से बच रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह समय की कमी है या राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी। जेलेंस्की ने अमेरिका के बदलते फोकस का जिक्र करते हुए यूरोपीय संघ को दिशाहीन भी बताया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com