रूसी एजेंसी SVR का दावा ब्रिटेन और फ्रांस गुपचुप तरीके से यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की बना रहे योजना (सोर्स- सोशल मीडिया)
Russia Ukraine Nuclear Conflict Claims: रूस की विदेशी खुफिया सेवा ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है कि ब्रिटेन और फ्रांस यूक्रेन को परमाणु हथियार सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को चार साल पूरे होकर पांचवां साल शुरू हो चुका है। रूसी एजेंसी के अनुसार पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों और परमाणु अप्रसार संधि का उल्लंघन करके यूक्रेन की सैन्य शक्ति बढ़ाना चाहते हैं। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और रूस ने कड़े लहजे में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दी है।
रूसी खुफिया एजेंसी एसवीआर ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि लंदन और पेरिस मिलकर यूक्रेन को परमाणु तकनीक और उपकरण देने का मन बना रहे हैं। एजेंसी का तर्क है कि पश्चिमी देश यह दिखाना चाहते हैं कि यूक्रेन ने खुद ये हथियार बनाए हैं ताकि वे सीधी जिम्मेदारी से बच सकें। रूस का मानना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य आगामी शांति वार्ताओं में यूक्रेन को मजबूत स्थिति में लाना और रूस पर दबाव बनाना है।
इसी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जर्मनी ने इस खतरनाक योजना का हिस्सा बनने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। रूस के अनुसार जर्मनी इस बात को समझता है कि परमाणु हथियारों का हस्तांतरण पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। बर्लिन का यह फैसला दर्शाता है कि यूरोप के भीतर भी इस संवेदनशील मुद्दे पर अलग-अलग राय और गंभीर चिंताएं मौजूद हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस जानकारी को बेहद गंभीर बताया है और कहा है कि यूक्रेन का परमाणु मुक्त रहना शांति की पहली शर्त है। वहीं सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि ऐसा हुआ तो रूस परमाणु कार्रवाई के लिए मजबूर होगा। रूस का कहना है कि यह जानकारी आगामी जिनेवा शांति वार्ता के दौरान मेज पर रखी जाएगी क्योंकि यह वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा संकट है।
दूसरी ओर ब्रिटेन और फ्रांस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठ करार दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय और फ्रांसीसी अधिकारियों ने कहा है कि रूस केवल भ्रम फैलाने और अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेन ने भी इन दावों को बेतुका बताया है और कहा है कि उसका परमाणु हथियार हासिल करने का कोई इरादा या योजना नहीं है।
यह भी पढ़ें: ‘ईरान पर हमला…खतरनाक जुए जैसा’, तनाव के बीच ईरानी मंत्री ने दी अमेरिका को चेतावनी, अब क्या करेंगे ट्रंप?
इन तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच अमेरिकी मध्यस्थता में शांति वार्ता का अगला दौर 27 फरवरी 2026 को जिनेवा में होना प्रस्तावित है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हैं क्योंकि परमाणु हथियारों की चर्चा ने युद्ध की गंभीरता को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। देखना होगा कि क्या ये आरोप शांति प्रक्रिया को बाधित करते हैं या फिर दोनों पक्ष किसी ठोस समाधान की ओर बढ़ने में सफल होते हैं।