न नॉर्वे का था, न डेनमार्क का..., ग्रीनलैंड विवाद में रूस की एंट्री, लावरोव के बयान से US-यूरोप में मचा हड़कंप

Russia On Greenland: ग्रीनलैंड को लेकर जारी वैश्विक तनाव के बीच रूस ने बड़ा बयान दिया है। रूसी विदेश मंत्री ने इसे डेनमार्क की औपनिवेशिक विजय बताते हुए आग में घी डालने का काम किया है।
Neither Norwegian nor Danish..., Russia enters the Greenland dispute, Lavrov's statement causes uproar in the US and Europe.
ग्रीनलैंड विवाद में रूस की एंट्री, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Sergey Lavrov Greenland Statement: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच चल रहा विवाद अब एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक युद्ध में तब्दील हो गया है। इस विवाद में अब रूस ने भी अपनी एंट्री मार दी है।

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा है कि सिद्धांत रूप में ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। लावरोव के इस बयान को अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते मतभेदों में 'घी डालने' के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

औपनिवेशिक विजय का दिया हवाला

मॉस्को में पत्रकारों से बात करते हुए लावरोव ने तर्क दिया कि ग्रीनलैंड न तो कभी नॉर्वे का स्वाभाविक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का। उन्होंने इसे एक 'औपनिवेशिक विजय' करार दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वहां रहने वाले लोग अब इस व्यवस्था के आदी हो गए हैं और सहज महसूस करते हैं।

ट्रंप की चेतावनी और यूरोपीय संघ की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ग्रीनलैंड पर पूर्ण अमेरिकी नियंत्रण या इसे खरीदने की बात फिर से दोहराई है। ट्रंप ने उन यूरोपीय सहयोगी देशों पर टैरिफ लगाने की भी धमकी दी है जो उनके इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। जवाब में, यूरोपीय संघ के नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में एक आपातकालीन शिखर सम्मेलन करने जा रहे हैं जिसमें अमेरिका के खिलाफ संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी।

रूस ने हस्तक्षेप से किया इनकार

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में आरोप लगाया था कि मॉस्को भी ग्रीनलैंड द्वीप पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इस आरोप पर रूस ने कड़ी नाराजगी जताई है। लावरोव ने स्पष्ट किया कि रूस को ग्रीनलैंड के मामलों में हस्तक्षेप करने में कोई रुचि नहीं है और वॉशिंगटन अच्छी तरह जानता है कि मॉस्को की इस द्वीप पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है।

ट्रंप की ग्रीनलैंड पर काफी समय से नजर

डोनाल्ड ट्रंप काफी समय से ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लाने की मंशा जाहिर करते रहे हैं। वेनेजुएला में किए गए सैन्य अभियान की कामयाबी के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया है। अब उनकी रणनीति किसी भी तरह इस क्षेत्र पर अमेरिका का प्रभाव स्थापित करने की है। ट्रंप का मानना है कि ग्रीनलैंड में चीन और रूस की बढ़ती गतिविधियां अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं इसी वजह से वह जल्द से जल्द इस इलाके को अमेरिकी नियंत्रण में लाना चाहते हैं।

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